ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमला

फ़ाइल फ़ोटो

इस तरह की हिंसा के ख़िलाफ़ कई बार प्रदर्शन हुए हैं.

ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर भारतीय मूल के तीन लोग कथित रूप से नस्लवादी हिंसा का शिकार बने हैं.

समाचार एजेंसियों का कहना है कि मेलबर्न शहर में स्थानीय युवकों की एक भीड़ ने तीन भारतीयों को बुरी तरह से मारा पीटा है.

एजेंसियों ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से कहा है कि मेलबर्ने स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से इसकी और जानकारी मांगी गई है.

ये घटना शनिवार की है जब मेलबर्न के एपिंग इलाके में 26-वर्षीय सुखदीप सिंह, उनके भाई गुरदीप सिंह और मुख्तार सिंह एक क्लब में बिलियर्ड्स खेल रहे थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने उनके एक रिश्तेदार ओंकार सिंह के हवाले से कहा है, ``ग्यारह बजे के आसपास लगभग 70 ऑस्ट्रेलियाई युवक जो वहां पार्टी कर रहे थे वहां आए और इन तीनों को बेरहमी से पीटा.’’

उनका कहना था, ``ये युवक पहले इन तीनों को उकसाने के लिए काफ़ी देर तक ताने मारते रहे लेकिन ये फिर भी चुपचाप खेलते रहे.’’

उन्होंने आरोप लगाया है कि ये युवक उनसे वापस अपने देश जाने के लिए कह रहे थे.

ये युवक पहले इन तीनों को उकसाने के लिए काफ़ी देर तक ताने मारते रहे लेकिन ये फिर भी चुपचाप खेलते रहे

रिश्तेदार

इसके पहले भी कई बार भारतीय छात्रों और भारतीय मूल के लोगों पर इस तरह के हमले हो चुके हैं.

विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने इस मामले को ऑस्ट्रेलिया सरकार के साथ उठाया भी था और उन्हें आश्वासन दिया गया था कि दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी.

ये भी कहा गया था कि एक हेल्पलाइन स्थापित किया जाएगा जिसपर भारतीय छात्र अपने साथ होने वाले किसी भी बुरे बर्ताव के बारे में रिपोर्ट कर सकेंगे.

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की भारी तादाद है और सरकार को उनसे काफ़ी आर्थिक फ़ायदा होता है.

छात्रों ने इन हमलों को लेकर अक्सर अपनी चिंता व्यक्त की है और उनका कहना है कि ये स्पष्ट रूप से नस्लवादी हमले हैं.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.