पुनर्वास में मदद की गुहार

ग्वांतानामो बे
Image caption ग्वांतानामो बे में सैकड़ों क़ैदियों को रखा गया था

ग्वांतानामो बे हिरासत केंद्र को बंद करने की प्रक्रिया की देखरेख कर रहे अमरीकी अधिकारी डेनियल फ़्राइड ने क़ैदियो के पुनर्वास में दूसरे देशों से मदद की गुहार लगाई है.

बीबीसी के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर अमरीका इन क़ैदियो को दूसरे देशों में बसने की अनुमति दे दे तो ज़्यादा देश इनको अपनाने के इच्छुक होंगे.

लेकिन अमरीकी कांग्रेस ने इसकी अनुमति से इनकार कर दिया है. डेनियल फ़्राइड का कहना था ये मुश्किल काम है.

उन्होंने कहा, "इस दिशा में काफ़ी काम बाक़ी है. प्रशासन ने भी व्यवस्थित होने में समय लगा दिया. हमें हर क़ैदी के बारे मे पूरी जानकारी जुटानी पड़ी और हर फ़ाइल की अलग-अलग जाँच करनी पड़ी. इसके कारण यूरोपीय देशों से क़ैदियों के पुनर्वास पर चर्चा अप्रैल और मई में शुरू हो पाई है."

मेहनत

फ़्राइड ने माना कि रिहाई के लिए तैयार क़ैदियों के पुनर्वास के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ी है.

लेकिन उन्हें उम्मीद है कि ग्वांतानामो बे अगले जनवरी में बंद हो जाएगा जिसका वादा राष्ट्रपति ओबामा ने किया था लेकिन ये लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं होगा.

उन्होंने माना कि उनके पास राष्ट्रपति ओबामा की समयसारिणी के अलावा कोई दूसरी योजना नहीं है. इस योजना को समय पर ख़त्म करने के लिए प्रशासन को साल के हर दिन काम करना पड़ेगा.

बुश प्रशासन ने वर्ष 2002 में ये हिरासत केंद्र बनवाया था. यहाँ क़ैदियों को बंद रखा गया था, जिसे प्रशासन की नज़र में हमलावर समझा जाता था.

एक समय में ग्वांतानामो बे में 775 क़ैदी थे जिनपर अल क़ायदा अथवा तालेबान के साथ संबंध के आरोप थे. कई क़ैदियो को रिहा कर दिया गया है और अब वहाँ 229 क़ैदी हैं.

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