ओबामा की ईरान को कड़ी चेतावनी

परमाणु संयंत्र
Image caption ईरान परमाणु हथियार बनाने से इनकार करता रहा है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के ख़िलाफ़ अपनी अब तक की सबसे कड़ी टिप्पणी में कहा है कि अमरीकियों की सुरक्षा के लिए ईरान के परमाणु मसले पर उन्होंने किसी भी तरह के विकल्प के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया है.

उन्होंने अमरीकी शहर पिट्सबर्ग में यह बयान विकसित और विकासशील देशों के गुट जी-20 के सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिया है. मगर उन्होंने आगे यह भी जोड़ दिया कि वो मानते हैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मसले को सुलझाने का सबसे उचित तरीका कूटनीति ही है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के इस बयान को ईरान के प्रति अमरीकी रुख़ में लगातार बढ़ती आक्रमकता के रूप में देखा जा रहा है. यह बयान तब आए हैं जब ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके पास एक और परमाणु संयंत्र है जिसके बारे में अब तक जानकारी नहीं दी गई थी.

मगर ईरान का कहना है कि उसके दूसरे परमाणु संयंत्र का मकसद बिजली बनाना ही है और यह ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का हिस्सा है. मगर अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस का मानना है कि ईरान गुप्त रूप से इन संयंत्रों का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए कर रहा है.

कड़ी प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति बराक ओबामा से जब पत्रकारों ने यह पूछा कि जिस प्रकार इराक़ में व्यापक जनसंहार के हथियार होने के अमरीकी दावे ग़लत निकले थे क्या ईरान के दूसरे संयंत्र के बारे मे दावे ग़लत नहीं हो सकते तो उन्होंने कहा कि इसी संभावना से बचने के लिए अमरीका ने ब्रिटेन और फ़्रांस के साथ समन्वय कर के यह जानकारी जुटाई है.

Image caption ओबामा ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ईरान के दूसरे परमाणु संयंत्र के आकार को देख कर नहीं लगता कि इसका इस्तेमाल सिर्फ़ बिजली बनाने के लिए किया जाएगा.

रूसी राष्ट्रपति देमित्री मेदवेदेव ने भी ईरान के प्रति अपना रुख़ कड़ा करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी को तुरंत इस दसूरे संयंत्र की जांच करनी चाहिए और ईरान को साबित करना चाहिए कि इसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए नहीं किया जा रहा.

रूस अब तक ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध के मामले में अमरीका और दूसरे पश्चिमी देशों के साथ नहीं रहा है और चीन अब भी ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने का विरोध कर रहा है.

ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा है कि ईरान ने अपने परमाणु संयंत्र की जानकारी नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को दे दी है और ईरान के लिए ज़रूरी नहीं है कि वो अपने परमाणु संयंत्रों की जानकारी अमरीका को दे.

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