सूनामी में 90 लोगों की मौत

भूकंप के बाद
Image caption प्रशांत महासागर में सूनामी एलर्ट घोषित किया गया लेकिन फिर इसे वापस ले लिया गया

दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली भूकंप के बाद सूनामी लहरों ने समोआ द्वीपसमूह और अमरीकी समोआ को प्रभावित किया है. अनेक लोगों के मारे जाने और घरों-कारों के बह जाने की ख़बर मिली है.

ताज़ा जानकारी के मुताबिक क़रीब 90 लोग इस आपदा की भेंट चढ़ चुके हैं और हज़ारों लोगों के बेघर होने की आशंका जताई जा रही है.

समोआ से एक अधिकारी ने यह भी आशंका जताई है कि मरनेवालों की तादाद और बढ़ सकती है क्योंकि पूरा का पूरा गांव इस सूनामी की चपेट में बह गया है.

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अमरीका के केंद्रीय आपात दस्ते को राहत कार्यों के लिए रवाना कर दिया गया है.

प्रशांत सूनामी चेतावनी केंद्र ने भूकंप की तीव्रता को 8.3 आंका है. सूनामी चेतावनी जारी की गई लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया.

यह भूकंप महासागर में 33 किलोमीटर नीचे और समोआ की राजधानी अपिया से 190 किलोमीटर दूर, स्थानीय समयानुसार मंगलवार की देर रात आया. इसके बाद वहाँ पाँच-फ़ुट ऊँची सूनामी की लहरें उठने लगीं.

समोआ से पलायन

समोआ से मिली ख़बरों के मुताबिक़ समोआ से लोग बच कर भागने की कोशिश कर रहे हैं. भूकंप से हुई तबाही की खबरें भी मिली हैं लेकिन इनकी फ़िलहाल पुष्टि नहीं हुई है.

जोश नयन्गु नाम के एक समोआ निवासी अपने बेटे और पत्नी के साथ एक छोटी सी नाव में बैठकर वहाँ से भाग निकले. उन्होंने बीबीसी को बताया, "नज़ारा भयानक था... मेरा गाँव, समुद्र के किनारे बना मेरा सुन्दर घर सब कुछ पानी में समा गया."

इसके बाद सूनामी की चेतावनी प्रशांत महासागर के समोआ द्वीपसमूह, न्यूज़ीलैंड, टोंगा, फ़ीजी और बाकी द्वीपों के लिए जारी की गई है.

समोआ द्वीप समूह में दो अलग-अलग प्रशासनिक ढाँचे हैं. एक है समोआ देश और दूसरा अमरीकी समोआ, जो अमरीका के नियंत्रण में है. इन द्वीपों की कुल आबादी ढाई लाख है.

पैसिफ़िक सूनामी वॉर्निंग सेंटर के उप निदेशक स्टुअर्ट वेनस्टीन ने बीबीसी को बताया कि उनकी एजेंसी स्थिति पर नज़र रख रही है लेकिन लहरें वर्ष 2004 की सूनामी के काफ़ी कम ऊँचाई की होंगी. वर्ष 2004 में आई सूनामी में 11 देशों में दो लाख 30 हज़ार लोग मारे गए थे.

संबंधित समाचार