इंडोनेशिया, समोआ में भीषण तबाही

इंडोनेशिया
Image caption इंडोनेशिया में कम से कम 75 और समोआ-अमेरीकन समोआ में 100 से अधिक मारे गए हैं

पश्चिमी इंडोनेशिया में आए भीषण भूकंप से मरने वालों की संख्या कम से कम 75 हो गई है. हज़ारों लोग अब भी मलबे के नीचे फँसे हुए हैं.

लगभग 7.6 की तीव्रता का ये भूकंप सुमात्रा के समुद्री तट से 50 किलोमीटर दूर आया. अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पेसिफ़िक सूनामी वॉर्निंग सेंटर ने इंडोनेशिया के भूकंप के बाद सूनामी चेतावनी जारी की थी जिसे अब वापस ले लिया गया है.

इससे पहले दक्षिणी प्रशांत महासागर में समोआ और अमेरीकन समोआ के बीच आए भूकंप और उसके बाद उठी सूनामी की लहरों के कारण 100 से अधिक लोग मारे गए हैं और हज़ारों बेघर हो गए हैं.

वहाँ राहत कार्य किए जा रहे हैं ताकि गाँवों में बेघर हुए हज़ारों लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा सके.

हज़ारों मलबे में फँसे

पश्चिमी इंडोनेशिया में अनेक इमारतें ध्वस्त हो गई हैं और इनमें दो अस्पताल शामिल हैं.

पश्चिमी सुमात्रा के तटवर्ती पाडांग शहर में ख़ासी तबाही हुई है. देश के उप राष्ट्रपति जुसुफ़ काल्ला ने कहा है कि स्कूलों, दुकानों, होटलों समेत अनेक इमारतें तबाह हो गई हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "अभी इसकी चपेट में आए लोगों की पहचान नहीं हुई है. लोग मलबे में फँसे हुए हैं. होटल, स्कूल, घर ध्वस्त हुए हैं और बिजली की सप्लाई कट गई है."

इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्री सिती फ़दीलाह सुपारी ने इसे इंडोनेशिया के इतिहास में आए भीषण भूकंपों में से एक बताया. उनका कहना था, "बड़े पैमाने पर तबाही हुई है. ये भूकंप वर्ष 2006 के योग्यकर्ता के भूकंप से ज़्यादा भीषण था जिसमें 3000 लोग मारे गए थे."

समोआ के लिए राहत सामग्री

उधर दक्षिणी प्रशांत द्वीप समूह समोआ और अमेरीकन समोआ में बड़ा राहत अभियान जारी है.

आपात स्थिति से निपट रहे अधिकारियों का कहना था कि विमानों के ज़रिए चिकित्सक दलों, खाद्य सामग्री, पानी पहुंचाया जा रहा है.

उनके अनुसार सूनामों में बच गए गाँवों के हज़ारों लोगों को मदद की ज़रूरत है क्योंकि बाढ़ के कारण गाँव तबाह हो गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था रेड क्रॉस ने बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर लगाए हैं.