संयुक्त राष्ट्र में बापू पर डाक टिकट

महात्मा गांधी पर डाक टिकट
Image caption संयुक्त राष्ट्र संघ हर साल दो अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है.

महात्मा गांधी की 140वीं जयंती पर उनको श्रद्वांजलि देने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को एक डाक टिकट जारी किया है.

संयुक्त राष्ट्र दो अक्तूबर को हर साल अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मानाता है.

इस ख़ास डाक टिकट पर कई रंगों से बना हुआ महात्मा गांधी का चेहरा दिखाया गया है. 30 मिलीमीटर लंबे और 30 मिलीमीटर चौड़े इस चौकोर डाक टिकट की डिज़ाइन अमरीकी डीज़ाइनर डॉक्टर फ़र्डी पचेको ने बनाई है.

इस डाक टिकट की कीमत एक अमरीकी डॉलर है. इसे संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्थित संयुक्त राष्ट्र के डाकघर से ख़रीदा जा सकता है.

अहिंसा और सत्याग्रह

संयुक्त राष्ट्र में इस डाक टिकट को जारी करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष अली अब्दुल्ला और अमरीकी राजदूत सूज़न राइस भी उपस्थित थीं.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूज़न राइस ने कहा कि गांधी जी ने अमरीका समेत दुनिया भर के लोगों को सामाजिक न्याय के लिए लड़ने का हौसला दिया.

राइस ने कहा, "अहिंसा और सत्याग्रह सिर्फ़ उनकी नीति ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय दिलाने के लिए यह उनकी बहुत अच्छी रणनीति थी. उन्होंने भारत के लोगों को अहिंसा के ज़रिए आज़ादी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दुनिया भर के लोगों को शांति के लिए प्रयास करने का हौसला दिया."

इस ख़ास डाक टिकट की पहली खेप में क़रीब पाँच लाख, 70 हज़ार डाक टिकट छापे गए हैं. इसे कनाडा की कंपनी लो-मार्टिन ने छापा है.

कार्यक्रम की मेज़बानी संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत महिंदर सिंह पुरी ने की.

इस अवसर पर पुरी ने कहा कि दो साल पहले यह तय हुआ था कि महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इसी को देखते हुए महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए यह डाक टिकट जारी किया गया है.

अहिंसा को बढ़ावा

Image caption महात्मा गांधी पर जारी इस डाकट टिकट की क़ीमत एक डालर रखी गई है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2007 में एक प्रस्ताव पारित कर हर साल महात्मा गांधी की जयंती दो अक्तूबर को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का फ़ैसला किया था.

इस प्रस्ताव में कहा गया है कि इस दिन दुनियाभर के लोगों में अहिंसा के संदेश को पहुँचाने का काम किया जाना चाहिए, जिससे आपसी समझ, सहिष्णुता, अहिंसा और शांति की संस्कृति को बढावा दिया जा सके.

संयुक्त राष्ट्र ने महात्मा गांधी को श्रंद्वांजलि देते हुए एक कार्ड भी जारी किया है. इसमें महात्मा गांधी और इस नए डाक टिकट की तस्वीर छपी है.

इस कार्ड पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और भारतीय विदेशमंत्री एसएम कृष्णा के संदेश भी लिखे हैं.

बान की मून ने अपने संदेश में लिखा है, "संयुक्त राष्ट्र में महात्मा गांधी और उनके अहिंसा के संदेश को बड़ी गहराई से अपनाने की कोशिश की जाती है. अहिंसा का प्रयोग तो मानवाधिकारों की सुरक्षा करने, निरस्त्रीकरण, परमाणु अप्रसार और युद्व के बीच शांति कायम करने जैसे सभी कामों में होता है. "

मून ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र अहिंसा और शांति की वकालत हमेशा करता रहेगा. शांति कायम करने के लिए अहिंसा को हर स्तर पर अपनाना होगा.

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