ईरान पहुँचे मोहम्मद अल बारादेई

ईरान
Image caption ईरान ने एक अतिरिक्त संयंत्र की बात स्वीकार की है

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई ईरान के यूरेनियम सयंत्रों के निरीक्षण के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान पहुँच गए हैं.

कुछ ही दिन पहले ही ईरान ने घोषणा की थी कि उसने क़ौम शहर के निकट पहाड़ियों में एक अतिरिक्त यूरेनियम संवर्धन संयंत्र लगा लिया है.

ईरान ने ये दूसरा संयंत्र अंतरराष्ट्रीय समुदाय से छिपा कर विकसित किया है.

इसके बाद ईरान को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आग्रह किया था कि ईरान दो सप्ताह के भीतर आईएईए के निरीक्षकों को इस संयंत्र की जांच का मौक़ा दे.

आईएईए प्रमुख ईरान और अमरीका के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच ईरान पहुंचे हैं.

अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने ईरान पर आरोप लगाया था कि उसने इस दूसरे संयंत्र का निर्माण संयुक्त राष्ट्र नियमों का उल्लंघन करके किया है.

दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद कहते रहे हैं कि क़ौम में दूसरे यूरेनियम संवर्धन सयंत्र का निर्माण कर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के किसी नियम को नहीं तोड़ा है.

उन्होंने ओबामा की आलोचना को एक 'ऐतिहासिक ग़लती' कहा है.

पिछले शनिवार को ईरान के सरकारी टेलिविज़न पर उन्हें ये कहते हुए दिखाया गया था कि 'अमरीकी राष्ट्रपति ने एक बड़ी और ऐतिहासिक भूल की है. बाद में ये भी साफ़ हो गया कि ओबामा की सूचना ग़लत थी और ईरान ने कोई गोपनीयता नहीं बरती थी.'

नई वार्ताएं

अल बारादेई तेहरान में दो दिन रहेंगे. इस बात की आशा कम ही है कि वो स्वयं किसी परमाणु संयंत्र का दौरा करेंगे.

Image caption अल बारादेई ईरान में दो दिन रहेंगे

उनका ये दौरा जिनेवा में ईरान और दुनिया के कुछ बड़े देशों के बीच बातचीत शुरू होने के बाद किया जा रहा है.

उनके तेहरान पहुँचने से पहले आईएईए अधिकारियों ने कहा था कि अल बारादेई आईएईए निरीक्षकों की शर्तों और उनके ईरान दौरों की तारीख़ों पर बातचीत करेंगे, ताकि वो ईरान के परमाणु सयंत्रों की जांच के लिए आ सकें.

जुलाई 2008 के बाद इस सप्ताह ईरान और दुनिया के बड़े देशों के बीच जिनेवा में पहली बार बातचीत हुई थी.

एक ओर ईरान के प्रतिनिधि थे तो दूसरी ओर सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्य अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस थे. इनके अलावा जर्मनी को भी इस बातचीत में शामिल किया गया था.

अधिकारियों का कहना था कि ईरान ने दूसरे यूरेनियम संयंत्र की बात स्वीकार की और इस बारे में 'पूरी तरह से तुंरत सहयोग' का आश्वासन दिया, इसके बाद बातचीत का ये सिलसिला शुरू हुआ है.

पिछले गुरुवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ज़ोर देकर कहा था कि ईरान को अपने 'सकारात्मक कार्यों' से दुनिया को ये समझाना होगा की वो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है.

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