पच्चीस अक्तूबर को निरीक्षण

मोहम्मद अल बरदेई

अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा संस्था आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई ने घोषणा की है कि अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक 25 अक्तूबर को ईरान के कूम स्थित संयंत्र का मुआयना करेगें.

अल बारादेई ने ईरानी वार्ताकारों के साथ मिलने के बाद कहा, “मुझे ये बताते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है की डॉ सलेही के साथ बातचीत में यह तय हुआ है की निरीक्षक यहाँ 25 अक्तूबर को आएँगे और कूम जाएँगे. मुझे भरोसा है कि ईरान हमारे निरीक्षकों के साथ पूरी पारदर्शिता बरतेगा ताकि जल्द से जल्द जांच पूरी हो सके.”

ईरान ने हाल ही में ये बताया था की उसके पास कूम में भी एक यूरेनियम संवर्धन संयंत्र है. अल बारादेई ने तेहरान में ईरानी अधिकारीयों से मुलाकात के बाद कहा कि ईरान के साथ संबंध टकराव से हट कर पारदर्शिता और सहयोग के बन रहे हैं.

उनका कहना था, “ये एक नाज़ुक लम्हा है, एक ऐसा समय है जब सभी पक्षों एक साथ मिल कर विश्वास बहाली के लिए काम करना चाहिए ताकि परमाणु और दूसरे मुद्दों पर ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करे और वो पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा बन सके”.

इस सप्ताह के शुरू में अल बारादेई ने कहा था कि ईरान को कूम की स्थापना के साथ ही घोषणा करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं करके ईरान ने कानून का उल्लंघन किया है.

ईरान ने कानूनों के उल्लंघन की बात से इनकार किया है. ईरान हमेशा ये दोहराता रहा है कि उसे शांतिपूर्ण उद्दयेशों के लिए परमाणु उर्जा विकसित करने का पूरा हक़ है.

पर दूसरे परमाणु संयंत्र की बात सामने आने से पश्चिमी जगत की आशंका बढ़ गई कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है.

इसके पहले आईएईए प्रमुख जनवरी 2008 में शंकाओं के समाधान के लिए ईरान गए थे. पर आईएईए ने बाद में कहा था कि ईरान के असहयोग के कारण बात आगे नहीं बढ़ रही है.

ईरान कहता रहा है कि उसने सभी सवालों के उत्तर दे दिए हैं. घटनाक्रम से लगता है की कूम के निरिक्षण के बाद बचे हुए मसलों पर आगे हल निकलना थोडा मुश्किल होगा.

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