नक्सलवाद से निपटने की नई रणनीति

नक्सलवादी
Image caption नक्सली हमलों में तेज़ी आई है

भारत सरकार ने माओवादियों से निपटने के लिए नई रणनीति बनाई है.

अधिकारियों का कहना है कि नई रणनीति के तहत माओवादियों के ख़िलाफ अभियान की कमान राज्य की पुलिस संभालेगी, जबकि केंद्रीय पुलिस सिर्फ़ सहायक होगी.

माओवादियों के ख़िलाफ भावी अभियानों में विशेष कमांडो दस्तों के साथ लगभग 70 हज़ार केंद्रीय अर्धसैनिक बल तैनात किए जाएँगे.

इन अर्धसैनिक बलों के साथ सैनिक भी लगाए जाएँगे और वायुसेना के सशस्त्र हेलिकॉप्टर भी उन अभियानों के लिए उपलब्ध करवाए जाएंगे.

महाराष्ट्र के गढ़ चिरौली जि़ले में गुरुवार को माओवादियों के हमले में 17 पुलिसकर्मियों के मारे जाने के कुछ ही घंटों बाद इस नई रणनीति की घोषणा हुई है.

भारत का मानना है कि माओवादी विद्रोह उसकी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है.

सरकार के मुताबिक़ माओवादी इस समय 20 राज्यों के लगभग छह सौ में से 223 से ज्यादा ज़िलों में सक्रिय हैं और उनका कहना है कि वे ग़रीबों और बिना ज़मीन वाले किसानों के लिए लड़ रहे है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व के ख़ात्मे के लिए ये अभियान कुछ ही हफ्तों में शुरू कर दिया जाएगा.

सरकार का मानना है कि माओवादियों के शीर्ष नेताओं की संख्या 20 से कम है, उनके पास लगभग 30 कमांडर हैं और लगभग 12 हज़ार कार्यकर्ता हैं.

तर्क

लेकिन एक वरिष्ठ माओवादी नेता ने हाल ही में बीबीसी को बताया था कि सरकार उनकी ताक़त को बढ़ा चढ़ा कर अंदाज़ा लगा रही है.

माओवादियों के प्रभाव वाले इलाक़ों में ग़रीब और क़बायली आबादी का प्रभुत्व है, लेकिन वह इलाक़े खनिज संसाधनों से भरपूर हैं.

माओवादियों का कहना है कि सरकार इस इलाक़े को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंप देती है जबकि ग़रीब वंचित रह जाते हैं.

सरकार का ये मानना है कि उन इलाक़ों में विकास कार्य तभी हो सकता है जब वहाँ से माओवादियों को खदेड़ा न जाए.

हाल ही में माओवादी नेतृत्व ने अपने सशस्त्र कैडरों को आदेश दिया था कि वे सरकार के कामकाज को ठप करें, पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर हमले करें और प्रशासनिक कामकाज में गड़बड़ी फैला दें.

सरकारी आंकड़ो के मुताबिक़ इसी साल जनवरी से लेकर अगस्त तक माओवादी हिंसा के 14 सौ से ज्यादा मामले देखने में आए, और लगभग छह सौ नागरिकों की मौत हुई.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले महीने राज्यों के पुलिस प्रमुखों के एक सम्मेलन में ये स्वीकार भी किया था कि माओवादियों के ख़िलाफ अभियान सफल नहीं हो पा रहा है.

संबंधित समाचार