ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता शुरू

ईरान का परमाणु स्थल
Image caption ईरान का संभावित परमाणु स्थल

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अल बरादेई ने कहा है कि विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर ईरान के साथ बातचीत की शुरुआत अच्छी रही है.

इससे पहले ईरानी मीडिया में ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि ईरान संवर्धित यूरेनियम को विदेश भेजने के प्रस्ताव से पीछे हट रहा है.

हालाँकि आईएईए में ईरान के दूत अली अशगर सोल्तानीह ने भी कहा कि रूस, फ़्रांस और अमरीका के साथ वार्ता संरचनात्मक रही.

इस प्रस्ताव के तहत ईरानी ईंधन का संवर्धन फ़्रांस और रूस में किया जाएगा और फिर इसे शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए ईरान को वापस लौटा दिया जाएगा.

इससे पहले विएना मे आईएईए की मेज़बानी मे बातचीत शुरु हुई.

आईएईए की ओर से आयोजित इस बैठक में रूस, फ्रांस और अमरीका विचार विमर्श कर रहे हैं.

पश्चिमी महाशक्तियों ने ईरान को ये प्रस्ताव दिया था कि वो अपने अनुसंधान रिएक्टरों के लिए ईंधन विदेशों से ले सकता है लेकिन उसके लिए ईरान को अपना पहले से संवर्धित यूरेनियम विदेशों में भेजना होगा जिसे बदल कर उसे ईंधन दिया जाएगा.

लेकिन ईरान के एक सरकारी टेलीविज़न की रिपोर्टों में कहा गया था कि ईरान अपने अनुसंधान रिएक्टरों के लिए ईंधन विदेशों से मंगवाना चाहता है लेकिन इसके बदले अपना संवर्धित यूरेनियम दूसरे देशों में नहीं भेजेगा.

चिंताएँ

Image caption अहमदीनेजाद ने हाल ही में वार्ता के फ़ॉर्मूले को मान लिया था

इस प्रस्ताव पर बातचीत शुरू होने से पहले ही ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस पर अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को मानने का अर्थ ये नहीं लगाया जाना चाहिए कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन बंद कर देगा.

ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रवक्ता अली शिरज़ादियान ने ये भी कहा कि अगर विएना में आईएईए की बातचीत विफल हो गई तो ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन का स्तर पहले से भी ज्यादा बढ़ा देगा.

पश्चमी देशों के वार्ताकारों का कहना है कि ईरान ने इसी महीने जिनेवा में दिए गए इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी थी.

इस प्रस्ताव में कहा गया था कि रूस और फ़्रांस ईरान से कम संवर्धित यूरेनियम लेंगे और उसे उच्च स्तर पर संवर्धित करके ईंधन की छड़ों में बदल कर वापस देंगे. इन ईंधन के छड़ों को ईरान अपने तेहरान स्थित अनुसंधान रिएक्टरों मे इस्तमाल करना चाहता है.

चुनौती

लेकिन प्रेस टीवी ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से जो ख़बर दी है, उसमें कहा गया है कि तेहरान अपने कम संवर्धित यूरेनियम भेजने के बजाए रूस, फ़्रांस या अमरीका से उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम सीधे ख़रीदना चाहता है.

विएना में वार्ताकारों के सामने इस मुद्दे का निपटारा एक बड़ी चुनौती बन कर आया है क्योंकि पिछले महीने ही ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को यह जानकारी दी थी कि उसके पास यूरेनियम संवर्धन का दूसरा संयंत्र भी है.

ईरान ने आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अल बरादेई को एक पत्र लिखकर यूरेनियम संवर्धन के दूसरे संयंत्र के बारे में बताया था. इससे पहले ईरान के नतांज़ स्थित यूरेनियम संवर्धन संयंत्र की ही जानकारी थी

ईरान के दूसरे यूरेनियम संवर्धन संयंत्र की बात मान लेने के बाद से पश्चिमी देशों की चिंता और बढ़ गई है कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, लेकिन ईरान का यही पक्ष है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पूर्ण रूप से नागरिक उद्देश्यों के लिए हैं.

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