अमरीकियों को भारत न आने की सलाह

मुंबई में हमला (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption मुंबई हमलों की जाँच में एफ़बीआई ने सक्रिय भूमिका निभाई है

अमरीका ने भारत में चरमपंथी हमलों के ख़तरे को देखते हुए अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे 28 जनवरी तक भारत की यात्रा से बचें.

पिछले दिनों एफ़बीआई को पाकिस्तान के संगठन लश्करे तैबा की भारत में हमला करने की योजना का पता चला था. इसमें एक अमरीकी नागरिक का उपयोग किया जा रहा था.

इसके बाद अमरीका ने अपने नागरिकों को यह सुझाव दिया है. अमरीका ने त्यौहारों से पहले भी ऐसा ही एक सुझाव दिया था और अब इसे अगले साल जनवरी तक बढ़ा दिया है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में हुए मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों में कई अमरीकी नागरिक मारे गए थे.

अमरीकी विदेश विभाग ने अपने यात्रियों को दी गई चेतावनी में कहा है, "अमरीका को लगातार सूचनाएँ मिल रही हैं कि हो सकता है कि आतंकवादी संगठन भारत पर हमले की योजना बना रहे हों."

इसमें कहा गया है, "आतंकवादी और उनके प्रति सहानुभूति रखने वाले लोगों ने यह दिखाया है कि वे ऐसे स्थानों पर हमले करना चाहते हैं जहाँ अमरीकी या दूसरे पश्चिमी देशों के नागरिक इकट्ठे होते हों या यात्राएँ करते हों."

पिछले साल नंबवर में हुए चरमपंथी हमलों का ज़िक्र करते हुए इस सुझाव में कहा गया है कि इस हमले से ज़ाहिर हो गया था कि किस तरह से होटल और अन्य सार्वजनिक स्थान किस तरह से आतंकवादी संगठनों के निशाने पर हो सकते हैं.

अमरीका ने अपने नागरिकों से कहा है कि अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना और परिस्थितियों पर नज़र रखना हमेशा अच्छा होता है.

उल्लेखनीय है कि एफ़बीआई ने इस महीने की शुरुआत में 49 वर्षीय डेविड कोलमैन और पाकिस्तान मूल के एक कैनेडियन नागरिक को गिरफ़्तार किया था.

एफ़बीआई का कहना है कि डेविड कोलमैन के लश्करे तैबा से नज़दीकी संबंध हैं और वह भारत में हमले करने की योजना बना रहा था.

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