जब शीत युद्ध के तीन दिग्गज साथ आए

गोर्बाचेव, कोल और बुश सीनियर
Image caption ये तीनों नेता दीवार टूटने के साक्षी बने थे.

पूर्व सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव, पश्चिमी जर्मनी के पूर्व नेता हलमट कोल और अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर दो दशक बाद फिर इकट्ठे मिले.

शीत युद्ध काल के ये तीनों दिग्गज नेता बर्लिन की दीवार टूटने के दो दशक पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए बर्लिन पहुँचे हैं.

तीनों नेताओं ने 1989 की उस शांतिपूर्ण क्रांति के वाहक बने आम लोगों को श्रद्धांजलि दी जिससे जर्मनी का एकीकरण हुआ.

जब दीवार टूटी थी तब गोर्बाचेव, हलमट कोल और बुश सीनियर इसके साक्षी बने थे. बीस साल बाद एक बार फिर इन तीनों नेताओं ने बर्लिन में लगभग दो घंटे तक चर्चा की जिसमें पुरानी यादें ताज़ा हुई.

नौ नवंबर को दीवार ढहाए जाने के बीस साल पूरे हो रहे हैं और उस दिन व्यापक समारोह की तैयारी की गई है.

इस ऐतिहासिक घटना के बाद सोवियत साम्यवाद बिखरने लगा और जर्मनी के एकीकरण का रास्ता साफ हो गया था.

79 वर्षीय कोल उस समय पश्चिम जर्मनी के चांसलर थे और फिर एकीकृत जर्मनी के चांसलर भी बने. उनका कहना था, "हमारे इतिहास में बहुत कुछ ऐसा नहीं है जिस पर जर्मनवासी गर्व सकें लेकिन एकीकरण ऐसी चीज़ है जिस पर हम सबको गर्व है."

मिखाइल गोर्बाचेव का कहना था, "आम लोग असली हीरो थे. हम तीनों इसका श्रेय नहीं लेना चाहते."

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