'बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस' की सराहना

बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस
Image caption एआईबी ने 'बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस' के विचार की सराहना की है

भारत में अप्रैल-मई में हुए आम चुनाव के दौरान चुनाव और जनमानस की तस्वीर को पाठकों, श्रोताओं, दर्शकों तक 'बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस' के ज़रिए पहुँचाने के प्रयास को एसोसिएशन ऑफ़ इंटरनेशनल ब्रॉडकास्टिंग (एआईबी) ने सराहा है.

बीबीसी की विशेष रेलगाड़ी 25 अप्रैल को पत्रकारों को लेकर रवाना हुई थी और ट्रेन से ही अत्याधुनक तकनीक के ज़रिए पत्रकारों ने अपनी रिपोर्टें, फ़ोटो, विभिन्न जगहों से चुनाव संबंधी आवाज़ें, लोगों के विचार, राजनीतिक नेताओं के कथन और रणनीति की जानकारी प्रसारित-प्रकाशित की थी.

एआईबी अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टिंग की संस्था है जो टीवी, रेडियो, क्रॉस मीडिया, मार्कीटिंग और तकनीक के क्षेत्रों में नए और विशेष काम का आकलन करती है और फिर अवॉर्ड्स देती है या काम की सराहना करती है.

लंदन में दिए गए इन पुरस्कारों के लिए ब्रॉडकास्टिंग और अन्य संबंधित क्षेत्रों से विशेषज्ञों ने 200 आवेदनों का आकलन किया. ये एंट्रियाँ भारत, संयुक्त अरब अमीरात, अमरीका, फ़्रांस, अर्जेंटीना समेत 26 देशों से उसके पास पहुँची थीं.

इस बार दिए गए पुरस्कार में बीबीसी फ़ारसी टीवी, बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ टीवी, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस इंग्लिश, बीबीसी वर्ल्ड ट्रस्ट के काम को विभिन्न क्षेत्रों में सराहा गया है और पुरस्कृत किया गया है.

'सबसे बड़े लोकतंत्र के रंग'

एसोसिएशन ऑफ़ इंटरनेशनल ब्रॉडकास्टिंग (एआईबी) के अनुसार 'बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस' सबसे बेहतर मार्कीटिंग स्ट्रैटेजी यानी रणनीति थी और उसे इसी श्रेणी में सराहा जाता है.

बीबीसी की विशेष रेलगाड़ी 25 अप्रैल को रवाना हुई अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, भुवनेश्वर, कोलकाता, पटना और इलाहाबाद के रास्ते 13 मई को दिल्ली वापस लौटी.

'बीबीसी चुनाव एक्सप्रेस' के ज़रिए दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों के रंगों और रफ़्तार को बीबीसी संवाददाताओं ने श्रोताओं, पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाया.

इस दौरान बीबीसी हिंदी सेवा के अलावा अंग्रेज़ी समेत अन्य के जाने-माने बीबीसी संवाददाता और संपादक लगातार भारत में जनता और नेताओं और अपनी पत्रकारिता के ज़रिए पूरी दुनिया से से रूबरू हुए.