आईफ़ोन पर वायरस का हमला

एपल आईफ़ोन
Image caption एपल आईफोन पर पहली बार वायरस का हमला

ऑस्ट्रेलिया में एप्पल आईफ़ोन पहली बार कंप्यूटर वायरस का शिकार हो गया है.

ये नया वायरस 1980 के दशक के इंग्लिश पॉप संगीतकार और गायक रिक ऐस्ट्ले की तस्वीर को दिखा कर आईफ़ोन को अपना शिकार बनाता है.

कंप्यूटर और मोबाइल फोन दोनों का काम करने वाले एप्पल आईफ़ोन के लगभग चार करोड़ सेट दुनिया भर में बिक चुके हैं, इसलिए विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये वायरस कहीं भी किसी भी सेट पर हमला कर सकता है.

1980 के दशक के पॉपस्टार रिक ऐस्ट्ले के संगीत को लाखों इंटरनेट उपभोक्ताओं ने सुना था, लेकिन ज़्यादातर लोगों को अनचाहे ही सुनना पडा.

एक वेबसाइट पर रिक का संगीत बार-बार बजना शुरू हो गया जिसके बारे में लोगों में अपने जानने वालों को ईमेल से जानकारी देनी शुरू कर दी.

रिक के प्रंशसकों ने इसे 'रिकरौलिंग' नाम दे दिया और सोचा कि इससे किसी के कंप्यूटर का नुकसान तो नहीं हो रहा.

लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया के एक कंप्यूटर हैकर के दिमाग़ में ये ख़ुराफ़ात आई कि क्यों न इससे एप्पल आईफ़ोन का एक वायरस बना दिया जाए.

वॉर्म नाम का ये वायरस अब आईफ़ोन पर रिक ऐस्ट्ले की तस्वीर दिखाकर उसे अपना शिकार बनाता है.

अभी तक केवल उन लोगों के एप्पल आईफ़ोन इस वायरस का शिकार हुए हैं, जिन्होंने फ़ोन में अपनी सेटिंग बदली है.

इस वायरस के शिकार आईफोन फ़िलहाल अनचाहे ही रिक एस्टले की तस्वीर ही दिखा रहे हैं,पहले की तरह गाना नहीं सुनवा रहे.

समझा जा रहा था कि वायरस ग्रस्त आईफ़ोन को ठीक किया जा सकता है, लेकिन अब उसमें भी संदेह पैदा हो गया है.

जिस कंप्यूटर हैकर ने इस वायरस को बनाया उसने उसका कोड भी इंटरनेट पर प्रकाशित कर दिया है, जिससे विशेषज्ञ तकनीशियनों को भी ये चिंता होने लगी है है कि कहीं 'जिन बोतल से बाहर' तो नहीं आ गया है

विशेषज्ञों को डर है कि ये वायरस आगे चलकर कहीं एक टैंपलेट का रूप लेकर और ज्यादा ख़तरनाक न हो जाए.

संबंधित समाचार