ब्राज़ील के कई शहर अंधेरे में डूबे

अंधेरे में ब्राज़ील
Image caption ब्राज़ील के 27 में से नौ प्रांत इस संकट से प्रभावित हुए

ब्राज़ील के दो बड़े शहरों रियो डी जेनेरो और साउ पाउलो में बिजली का बड़ा संकट खड़ा हो गया और वहाँ अंधेरा पसर गया.

पराग्वे की सीमा पर स्थित इताइपु बांध में आई समस्या के कारण यह संकट पैदा हुआ.

इस समस्या की वजह से पूरे पराग्वे की बिजली चली गई लेकिन कुछ ही देर के लिए. जबकि ब्राज़ील के कई अन्य शहर कोई चार घंटों तक अंधेरे में रहे.

इस विशाल बांध में बिजली उत्पादन में बाधा आने की वजह से 17 हज़ार मेगावाट की बिजली का उत्पादन ठप्प हो गया. माना जा रहा है कि तूफ़ान की वजह से ऐसा हुआ होगा.

अंधेरे में अपराध को रोकने के लिए सड़कों पर पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है.

अफ़रा-तफ़री

इस बांध के निदेशक ने कहा है कि जलविद्युत परियोजना से बिजली मिलनी पूरी तरह से बंद हो गई थी लेकिन अब धीरे-धीरे इसमें सुधार हो रहा है.

रियो डी जेनेरो और साउ पाउलो में स्थानीय समय के अनुसार रात दस बजे, (भारतीय समय के अनुसार सुबह साढ़े पाँच बजे) बिजली बंद होने के बाद भूमिगत रेलवे सेवाएँ ठप्प हो गईं और बहुत से यात्री फंस गए.

हज़ारों यात्रियों को स्टेशन तक पहुँचने के लिए भूमिगत रेल की पटरियों पर चलकर स्टेशनों तक पहुँचना पड़ा.

रियो में तो स्ट्रीट लाइटें भी काम नहीं कर रहीं थीं जबकि साउ पाउलो में या तो ट्रैफ़िक को रोक देना पड़ा या फिर गाडियाँ रेंगती रहीं.

ख़बरें हैं कि रियो डी जेनेरो में अंधेरे का लाभ उठाकर अपराध करने वालों को रोकने के लिए सड़कों पर पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है.

अंधेरा छाते ही साउ पाउलो की सड़कों पर अफ़रा-तफ़री मच गई और गाड़ियों के ड्राइवर सड़कों पर उतरकर जानने की कोशिश करते रहे कि क्या हुआ है.

इसके बाद रेडियो पर लोगों को सलाह दी जाती रही कि वे सावधानी से गाड़ी चलाएँ.

हालांकि साउ पाउलो के बाहरी इलाक़ों में बिजली गुल होना सामान्य सी बात है लेकिन इस स्तर पर बिजली का संकट पहली बार पैदा हुआ है.

इस संकट से ब्राज़ील के 27 में से नौ प्रांत प्रभावित हुए हैं.

इताइपु बांध से ब्राज़ील की बिजली की ज़रुरत का 20 प्रतिशत पूरा होता है. जबकि पराग्वे पूरी तरह से इसकी बिजली पर निर्भर करता है.

पराग्वे में 15 मिनट तक अंधेरा छाया रहा.

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