'भ्रष्टाचार नहीं रुका तो मदद रुक जाएगी'

हिलेरी क्लिंटन
Image caption हिलेरी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार को साफ़ शब्दों में बात समझा दी गई है

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के उनके दूसरे कार्यकाल की शपथ लेने से कुछ ही दिन पहले चेतावनी दी है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान अमरीकी मदद जारी रखना चाहता है तो उन्हें भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कुछ करना ही पड़ेगा.

हिलेरी क्लिंटन ने एक अमरीकी टीवी चैनल से कहा कि करज़ई और बेहतर सुधार कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि करज़ई को एक बड़ा न्यायाधिकरण और एक भ्रष्टाचार विरोधी आयोग गठित करना चाहिए.

अफ़ग़ान राष्ट्रपति पर हाल के समय में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए पश्चिमी देशों की और से दबाव बढ़ता जा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के राजदूत ने भी चेतावनी दी है कि जबतक करज़ई सरकार भ्रष्टाचार नहीं रोकती तबतक वहाँ अमरीकी सैनिकों की संख्या नहीं बढ़ाई जानी चाहिए.

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा जल्दी ही अफ़ग़ानिस्तान में दसियों हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिकों को भेजने के बारे में फ़ैसला करनेवाले हैं.

हालाँकि हामिद करज़ई के एक प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के बारे में गंभीर है.

चेतावनी

हिलेरी क्लिंटन ने अमरीकी टीवी को इंटरव्यू में कहा कि अफ़ग़ान सरकार को ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की आवश्यकता है जिन्होंने पिछले आठ वर्षों में सहायता के लिए मिले धन का ग़लत लाभ उठाया है.

हिलेरी ने कहा कि उन्होंने अफ़ग़ान राष्ट्रपति से स्पष्ट कर दिया है कि अफ़ग़ानिस्तान को और मदद तभी दी जाएगी जब इसका ठीक से हिसाब-किताब रखा जाए और लोगों की जवाबदेही तय की जाए.

उन्होंने कहा,"मैंने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि हम अफ़ग़ानिस्तान को कोई सहायता देना तबतक जारी नहीं रख सकते जबतक कि हमें इस बात का प्रमाण नहीं दिया जाता कि इस मदद के लिए उनके मंत्रालय जवाबदेह रहेंगे".

अमरीकी मंत्रि ने साथ ही कहा कि अब जबकि चुनाव हो चुके हैं,"अमरीका ये देखना चाहता है कि राष्ट्रपति के नेतृत्व वाली अफ़ग़ान सरकार लोगों की ज़रूरतों का कैसे ध्यान रखती है".

इस बीच अफ़ग़ान सरकार अपने आप को भ्रष्टाचार से निबटने के लिए कृतसंकल्प बता रही है.

अफ़ग़ानिस्तान के मुख्य सरकारी अभियोजक ने कहा है कि उनके पास ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के नाम हैं जिनपर रिश्वत लेने का संदेह है.

मगर अधिकारी ने उनका नाम बताने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले से निबटने के लिए एक विशेष अदालत गठित करने की सिफ़ारिश की है.

अफ़ग़ानिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा अफ़ीम उत्पादक देश है और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वहाँ भ्रष्टाचार की जड़ नशीले पदार्थों का कारोबार है.

संयुक्त राष्ट्र का ये भी कहना रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान को अभूतपूर्व रूप से मिलनेवाली सहायता और इस राशि के जल्द से जल्द ख़र्च किए जाने के दबाव से भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है.

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