सुबह का भूला शाम को लौटा

ऑस्ट्रेलिया में चिन्ह
Image caption सड़क पर चिन्ह देख कर दूरी का अंदाज़ा हुआ

आपने अकसर सुना होगा कि लोग अख़बार या दूध की बोतल ख़रीदने के लिए सुबह-सुबह घर से निकले और कुछ देर में वापस लौट आए.

ऑस्ट्रेलिया के 81 वर्षीय एरिक स्टुअर्ड घर से निकले तो कुछ इसी इरादे से लेकिन उनको लौटने में पूरे नौ घंटे लग गए.

दरअसल वह रास्ता भूल गए और जब आगे बढ़ना शुरू किया तो बढ़ते ही गए, बढ़ते ही गए और 600 किलोमीटर जा कर किसी से पूछा कि 'मैं कहाँ हूँ'?

उधर उनकी घबराई हुई पत्नी उन्हें मोबाइल पर फ़ोन कर रही थीं और एरिक थे कि बता ही नहीं पा रहे थे कि वह हैं कहाँ.

अंततः उन्हें एक साइनबोर्ड दिखा जिस पर लिखा था 'वेस्टगेट ब्रिज'. तब जा कर उनके घरवालों को पता चला कि वह घर से कितनी दूर हैं और सिडनी से निकल कर मेलबर्न के विक्टोरिया राज्य पहुँच गए हैं.

उनकी पत्नी क्लेयर कहती हैं, "मुझे यह इतमीनान था कि वह एक बहुत अच्छे ड्राइवर हैं और उनका ध्यान इधर-उधर बहकता नहीं".

एरिक स्टुअर्ड अपने इस ऐडवेंचर पर कहते हैं, "मैं चला जा रहा था और समझ में नहीं आ रहा था कि मैं जा कहाँ रहा हूँ. बस यह भरोसा था कि किसी न किसी तरह मैं अपनी पत्नी तक पहुँच ही जाऊँगा".

विक्टोरिया राज्य के पुलिसकर्मचारी क्लेयटन स्मिथ ने कहा कि एरिक स्टुअर्ड उनके पास आए और उन्होंने उनसे कहा कि वह खो गए हैं.

स्मिथ कहते हैं, "हमें हंसी तो बहुत आई लेकिन फिर हमने उनसे पूछा कि उन्होंने पहले सहायता की मांग क्यों नहीं की या किसी से रास्ता क्यों नहीं पूछा तो एरिक ने बस इतना कहा, मुझे ड्राइव करना बहुत अच्छा लगता है".

एरिक इस सारे घटनाक्रम को बहुत महत्व नहीं दे रहे हैं. उनका कहना है, "जब आप 80 की आयु पार कर लेते हैं तो किसी बात की अहमियत नहीं रहती. वह उधर आपका इंतज़ार कर रहा है और आप अपनी बारी के इंतज़ार में हैं".

उन्होंने अपनी कार में सैटेलाइट नैविगेशन सिस्टम लगवाने से भी इनकार कर दिया.

वह कहते हैं, "इससे क्या होगा? आप खो नहीं पाएँगे और सारा मज़ा ही ख़त्म हो जाएगा".

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