मध्य पूर्व शांति वार्ता पर नए प्रयास

विवादित यहूदी बस्ती
Image caption इसराइल ने अपने क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम मे 900 नए घर बनाने की घोषणा है.

मध्य पूर्व में शांति प्रयासों को पुनर्जीवित करने के लिए इसराइल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेज़ ने मिस्र जा कर राष्ट्रपति होस्नी मुबारक से मुलाक़ात की.

पूर्वी यरुशलम के इलाक़े गिलो में नए यहूदी मकान बनाने और अपहृत इसराइली सैनिक को छुड़ाने जैसे मुद्दे दोनों नेताओं के बीच बातचीत में शामिल थे.

काहिरा से बीबीसी संवाददाता का कहना है मुबारक और पेरेज़ दोनों के आपसी संबंध अच्छे हैं और दोनों पहले भी कई बार मिल चुके हैं.

शनिवार को अपने देश की संसद में होस्नी मुबारक ने कहा था कि पूर्वी यरुशलम में नए मकान बनाने का और मुसलमानों के लिए पवित्र अल अक्सा मस्जिद के नजदीक खुदाई का काम शांति की राह में बाधा पहुंचा रहे हैं.

रविवार को भी उन्होंने पेरेज़ से अपनी मुलाक़ात के दौरान इन बातों को दोहराया.

शांति संभव

रविवार को अपनी पत्रकार वार्ता में होस्नी मुबारक ने कहा, " यरुशलम केवल फ़लीस्तीन भर के लिए मुद्दा नहीं है बल्कि इससे सभी मुसलमान प्रभावित होते हैं."

मुबारक ने जोड़ा की इसराइली नीति से अरब जगत में केवल नाराज़गी बढ़ेगी.

वार्ता के बाद मुबारक ने एक पत्रकार वार्ता में कहा " मैंने यहूदी बस्तियों पर बात की, येरुशलम पर बात की मैंने उन सारे मुद्दों पर बात की जिनका समाधान करना है. राष्ट्रपति परेज़ से मुलाक़ात के दौरान मैंने कहा कि अस्थाई रास्ते और अस्थाई सीमाएं स्वीकार्य नहीं है. पर मैं मानता हूँ कि शांति की संभावनाएं अभी बाकी हैं. हर पक्ष की ओर से हर तरह का प्रयास करना ज़रुरत है ताकि इस साठ साल पुराने मुद्दे का हल निकल आए."

इस मौके पर पेरेज़ ने कहा, " दुर्भाग्यभश यहूदी बस्तियों का मुद्दा बहुत छोटा सा मुद्दा है, ये महज़ कुछ मकानों के बनने की बात है जो बेवजह केंद्रीय मुद्दा बन गया है. मेरा उत्तर ये है कि ये मुद्दा बातचीत और समझौते के जरिये सुलझाया जा सकता है. इस पर जितनी जल्दी बात शुरू हो ये उतनी जल्दी ख़त्म हो जाएगा, बस एक बार सीमाओं का निर्धारण हो जाए."

मुबारक ने सभी यहूदी बस्तियों के विस्तार पर तत्काल रोक लगाने और मध्य पूर्व शान्ति वार्ता के लिए तय समय सीमा और गारंटी की ज़रुरत पर बल दिया.

बंदियों कोछोड़ने परचर्चा

ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं 2006 से इसराइल के अपहृत सैनिक के बदले में सौ फ़लस्तीनी बंदियों को छोड़ने को लेकर दोनों नेता बात कर रहे हैं.

इस समझौते के इस महीने के अंत तक ईद के पहले संपन्न हो जाने की उम्मीद की लगाई जा रही है. हालांकि इन दोनों नेताओं ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कोई टिपण्णी नहीं की.

पेरेज़ ने कहा कि उनका देश शान्ति कायम करने की दिशा में क़दम उठाना चाहता है.

लम्बे समय से इस क्षेत्र को देख रहे लोगों का कहना है कि अच्छी बातचीत और कूटनयिकों की भागदौड़ के बावजूद फ़लस्तीनी लोगों के लिए हालत नहीं बदले हैं.

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