इंटरनेट पर ख़बरों के लिए देने होंगे पैसे

माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी
Image caption माइक्रोसॉफ़्ट ने ख़बरों के लिए नया प्रस्ताव पेश किया है

सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने वेबसाइट की दुनिया में एक ऐसी शुरुआत की है जिसकी वजह से आने वाले दिनों में इंटरनेट पर मुफ़्त में ख़बरें मिलनी बंद हो सकती हैं.

लंदन और न्यूयॉर्क से मिली ख़बरों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट ने मीडिया किंग रूपर्ट मर्डोक की कंपनी न्यूज़ कॉर्पोरेशन को प्रस्ताव दिया है कि वो अपनी ख़बर सामग्री को गूगल सर्च इंजन से वापस ले ले और इसका अधिकार सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट के नए सर्च इंजन बिंग को दे दें.

मुफ़्त में समाचार

दरअसल, इंटरनेट ने लोगों को जो सबसे बड़ी स्वतंत्रता दी है वो है मुफ़्त में समाचार.

फिर भी बहुत से समाचार संगठन, जैसे कि न्यूज़ कॉर्पोरेशन के वॉल स्ट्रीट जर्नल अपनी ख़बरों को बेचकर पैसा कमाते हैं.

ये प्रकाशक काफ़ी समय से अपनी ख़बरों को इंटरनेट पर बेचने की जद्दोजहद कर रहे हैं.

अख़बार तो हर जगह अपनी बिक्री में गिरावट से परेशान हैं और गूगल जैसे सर्च इंजनों की अक्सर इस बात के लिए आलोचना भी होती है कि वो इन अख़बारों की सामग्री को इंटरनेट पर उपलब्ध करा देते हैं जहां लोग मुफ़्त में इन्हें पढ़ लेते हैं.

समाचार संगठनों को माइक्रोसॉफ़्ट का ये प्रस्ताव प्रकाशकों के लिए ज़रूर स्वागतयोग्य होगा, ख़ासकर तब जबकि ऐसा झुकाव दूसरे सर्च इंजनों में भी शुरू होता है.

इसके परिणामस्वरूप सर्च इंजनों में ख़बरें लेने के लिए पैसा देने की होड़ शुरू हो सकती है.

लेकिन इस तरह की कार्यप्रणाली से उन लोगों को निराशा हाथ लग सकती है जिन्हें निष्पक्ष ख़बरों की चाहत होती है.

इंटरनेट पर ख़बर पढ़ने वाले को ये नहीं पता होगा कि माइक्रोसॉफ्ट ने इसके लिए पैसा दिया है. इसके अलावा उन्हें ऐसे संस्थानों से भी चुनौतियां मिलेंगीं जो मुफ़्त में समाचार उपलब्ध कराते हैं.

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