सेंटा लगवाएं फ़्लू का टीका

Image caption हंगरी में सेन्टा क्लॉस को फ़्लू का टीका लगवाने की सलाह दी गई है

अभी क्रिसमस का त्योहार दूर है लेकिन इस बार फ़ादर क्रिसमस को सलाह दी गई है कि वो बच्चों को भेंट बांटने से पहले फ़्लू का टीका लगवा लें.

ये सलाह यूरोपीय देश हंगरी के प्रशासन की ओर से दी गई है.

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लाल कपड़े और लाल टोपी पहने सफ़ेद बाल और सफ़ेद दाढ़ी वाले सेंटा क्लॉस की भूमिका अगर कोई बुज़ुर्ग निभा रहा है तो उसे यह टीका ज़रूर ही लगवाना चाहिए.

आमतौर पर सेंटा क्लॉस गोल मटोल और ख़ुशमिज़ाज होते हैं और बच्चों से हंसते बोलते हैं उन्हे गोदी में बैठाते हैं. लेकिन इस बार उनसे कहा गया है कि वो बच्चों को न तो गाल पर चुम्मी दें और न उनसे हाथ मिलाएं. प्रशासन को डर है कि कहीं ये फ़्लू महामारी का रूप न ले ले.

हंगरी में सप्ताह भर में फ़्लू के मामलो की संख्या 22,100 जा पहुंची है. इसका एक बड़ा कारण एच1एन1 वायरस है.

हंगरी के स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर लिखा है," सेंटा क्लॉस के लिए रोकथाम का उपाय करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि वो बहुत सारे बच्चों से मिलते हैं इसलिए वो बीमारी फैला सकते हैं.''

'मिकुलास' बनाम 'सेन्टा'

हंगरी में सेंटा क्लॉस को 'मिकुलास' के नाम से जाना जाता है. मिकुलास 6 दिसम्बर को पड़ने वाले सेंट निकोलस दिवस पर स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर जाते हैं.

पारंपरिक रूप से उनके साथ एक फ़रिश्ता होता है और एक शैतान भी. वो बच्चों को बुलाते हैं और उनसे कोई गीत या कविता सुनाकर उनका मनोरंजन करने को कहते हैं.

अगर सारे साल बच्चे ने अच्छा व्यवहार किया है तो उसे कोई भेंट मिलती है लेकिन अगर उसने शैतानी की है तो उसे कोयले का ढेला, लकड़ी की चम्मच या कच्चा प्याज़ थमा दिया जाता है.

पूरे देश में बच्चे इस उम्मीद के साथ अपने कमरे की खिड़की के पास लम्बे जूते रखते हैं कि जब सुबह उनकी आंख खुले तो जूते को मिकुलास की भेंट से भरा पाएंगे.

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