ब्राउन का कड़ा रुख

ब्राउन
Image caption ब्राउन ने करज़ई के प्रति कड़ा रुख़ अपनाया है

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर आगामी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति हामिद करज़ई को भ्रष्टाचारमुक्त शासन और अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण के बारे में तय लक्ष्यों को पूरा करने का वचन देना होगा.

यह सम्मेलन अगले साल 28 जनवरी को लंदन में होगा.

राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के दौरान ब्राउन ने कहा कि अफ़ग़ान राष्ट्रपति को प्रशासन से भ्रष्टाचार के सफ़ाए और सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण के बारे में लक्ष्य दिए जाएंगे, और उम्मीद है कि करज़ई उन लक्ष्यों को पूरा करने का वचन देंगे.

ब्राउन के अनुसार हामिद करज़ई को भ्रष्ट प्रांतीय गवर्नरों को हटाने और पश्चिमी देशों के सैनिकों से प्रशिक्षण पाने के लिए 50 हज़ार अफ़ग़ान सैनिक उपलब्ध कराने को कहा जाएगा.

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जेम्स रॉबिन्स का कहना है कि करज़ई के लिए ब्राउन का इतना कड़ा रुख़ इससे पहले नहीं देखा गया था.

इस घोषणा के वक़्त संयुक्तराष्ट्र महासचिव बान की मून भी ब्राउन के साथ मौजूद थे.

राजनीतिक दबाव

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि अगले कुछ दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सैनिकों की संख्या बढ़ाने के बारे में घोषणाएँ की जाएँगी.

निश्चित अवधि के लिए बढ़ाई जाने वाली संख्या के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा संभवत: मंगलवार को घोषणा करेंगे. उसके बाद ब्राउन भी अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने के बारे में अपने पत्ते खोलेंगे. विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटेन 500 और सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजने की घोषणा कर सकता है.

ब्राउन ने कहा, "हम चाहेंगे कि सैनिक समर्थन में वृद्धि के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भी बढ़ाया जाए. इसका मतलब होगा कि राष्ट्रपति करज़ई को उन मानकों को स्वीकार करना होगा जिनके अनुरूप उनके काम का आकलन किया जा सके."

उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित किए जाने से अफ़ग़ान अधिकारियों को नियंत्रण सौंपे जाने और ब्रितानी सैनिकों की घर वापसी का रास्ता साफ़ हो सकेगा.

गॉर्डन ब्राउन के अनुसार 2010 के लिए अफ़ग़ानिस्तान सरकार को ये लक्ष्य दिए जाएँगे-

  • तीन महीने- अतिरिक्त सैनिकों को चिन्हित किया जाना जिन्हें हेलमंद प्रांत में प्रशिक्षण दिया जा सके.
  • छह महीने- पुलिस प्रशिक्षण के लिए स्पष्ट योजना जिनमें भ्रष्टाचार से छुटकारा और स्थानीय समुदाय के साथ मिल कर काम करने की बात शामिल हों.
  • नौ महीने- 400 प्रांतीय और ज़िलास्तरीय गवर्नरों की नियुक्ति

लंदन सम्मेलन में ब्राउन, मून और करज़ई के अलावा नैटो के 43 सदस्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने ये भी स्पष्ट किया कि लंदन सम्मेलन में तालेबान प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जाएगा.

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