इस्लामी मीनारों पर रोक के लिए वोट

Image caption स्विट्ज़रलैंड में चार लाख मुसलमान हैं लेकिन केवल चार मीनारें हैं.

स्विट्ज़रलैंड में इस्लामी मीनारों के निर्माण पर रोक लगाने वाले एक प्रस्ताव पर मतदान हो रहा है.

स्विटज़रलैंड की सरकार मतदाताओं से अनुरोध कर रही है कि वो इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट डालें.

ये प्रस्ताव वहां के संसद की सबसे बड़ी पार्टी स्विस पीपुल्स पार्टी और कुछ ईसाई गुटों की तरफ़ से लाया गया है.

स्विटज़रलैंड में कुल चार लाख मुसलमान हैं लेकिन सिर्फ़ चार मीनारें हैं.

ईसाई धर्म के बाद इस्लाम सबसे ज़्यादा प्रचलित धर्म है लेकिन ये काफ़ी हद तक छिपा हुआ है.

नमाज़ के लिए अनौपचारिक तौर पर कुछ जगह तय किए हुए हैं लेकिन नए मीनारों के निर्माण की स्वीकृति शायद ही कभी दी जाती है.

इस प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि मीनारों के निर्माण से एक ऐसी सोच और शरिया क़ानून को बढ़ावा मिलेगा जिसका स्विट्ज़रलैंड के लोकतांत्रिक नज़रिए के साथ सामंजस्य नहीं हो पाएगा.

कूटनीतिक असर

स्विट्ज़रलैंड की सरकार का कहना है कि अगर ये प्रस्ताव पारित हो गया तो इसका असर इस्लामी देशों के साथ उनके रिश्तों पर पड़ेगा.

स्विट्ज़रलैंड में रहनेवाले एक मुसलमान एल्हाम मैनिया का कहना है कि हाल ही में सिख गुरूद्वारों और सर्बियाई चर्चों के निर्माण को स्वीकृति मिली है तो फिर इस्लामी मीनारों के साथ भेदभाव क्यों.

स्विटज़रलैंड में रहनेवाले ज़्यादातर मुसलमान पूर्व युगोस्लाविया से हैं और चरमपंथ का उनके बीच कोई इतिहास नहीं है.

लेकिन इस प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि ये मीनारें एक धार्मिक प्रतीक से कहीं ज़्यादा हैं और इनके बनने से ये संदेश जाएगा कि स्विटज़रलैंड में इस्लामी क़ानून मान्य है.

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