मिस्र में पुरुष कुंठित, महिला यौन पीड़ित

मिस्र में अधिकारियों ने कहा है कि हाल में हुई ईद-उल-ज़ुहा की छुट्टियों में देश की राजधानी काहिरा में महिलाओं के ख़िलाफ़ यौन प्रताड़ना के लगभग 500 मामले दर्ज हुए हैं जबकि ऐसे सैकड़ों और मामले देश के बंदरगाह वाले शहर अलेक्सांद्रिया में भी रिपोर्ट किए गए हैं.

Image caption मिस्र में महिलाएं होतीं हैं यौन उत्पीड़न की शिकार

मिस्र में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी के मामलों में पिछले कुछ सालों में इज़ाफ़ा हुआ है और इसके साथ सरकार पर भी दबाव बना है कि वो इन घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए.

बीबीसी के अरब मामलों के संपादक सेबास्तियन अशर का कहना है कि ऐसी कोई भी महिला जो कभी मिस्र गई है, उसके पास ऐसी कोई कहानी ज़रूर होगी जिसमें कोई पुरुष उसपर कुछ अधिक ध्यान देने की कोशिश कर रहा होगा.

मिस्र में ऐसा होना कोई अजूबा नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में ऐसी घटनाएँ बढ़ी हैं और कई बार इन मामलों के हद से बाहर हो जाने की घटनाएँ भी सामने आई हैं.

मिस्र में ऐसी कई महिलाएं हैं जो ईद के दिन वहां की सड़कों पर नहीं निकलना चाहतीं.

2007 में काहिरा के एक पिछड़े इलाके में ईद के ही दिन क़रीब150 युवकों और पुरुषों ने सड़क पर जा रही महिलाओं पर हमले किए थे और उनके कपड़े भी फाड़ दिए थे.

उसके एक साल पहले भी कई महिलाओं को इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्थानीय दुकानों में शरण लेनी पड़ी थी.

Image caption बुर्के़ में रहनेवाली महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं

पिछले साल महिलाओं की एक संस्था ने मिस्त्र में एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमें कहा गया था कि मिस्त्र में वहां की साठ प्रतिशत से ज़्यादा महिलाओं के साथ हर रोज़ उत्पीरण की कोई न कोई घटना होती ही है.

इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इन पीड़ित महिलाओं में से नब्बे प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जिनके साथ यौन उत्पीरण का कोई न कोई मामला हुआ है.

और मिस्त्र में ऐसी घटनाओं के लिए पुरुषों की बजाय महिलाओं को ही दोषी माना जाता है. कहा जाता है कि वो उकसानेवाले कपड़े पहनती हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है.

कुछ मौलवियों का कहना ये है कि पश्चिमी कपड़े और तौर तरीके इसके लिए ज़िम्मेदार हैं.

लेकिन बुर्का पहननेवाली महिलाओं ने भी इसी तरह के उत्पीरण कि शिकायत की है.

इसके लिए मिस्त्र के युवाओं में सेक्स संबंधी कुंठाओं को ज़िम्मेदार माना गया है. और ये समस्या इसलिए और भी बढ़ जाती है क्यूंकि इन युवकों की माली हालत इतनी अच्छी नहीं होती कि वो शादी कर सकें.

लेकिन मिस्त्र के प्रशाषण पर इस बात के लिए दबाव बढ़ रहा है कि वो यौन उत्पीड़न के इन मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए. और कम से कम उन महिलाओं को गंभीरता से ले जो यौन उत्पीड़न का शिकार होने की शिकायत करतीं हैं और उनके साथ इज्ज़त से पेश आए.

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