ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

ईरान में विपक्षी प्रदर्शनकारियों
Image caption जून के चुनाव के बाद विपक्षी प्रदर्शन बढ़े हैं

ईरान की राजधानी तेहरान में में पुलिस और विपक्षी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं. कुछ स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस का भी इस्तेमाल किया है.

इन झड़पों की ख़बर सिर्फ़ कुछ स्थानीय लोगों के ज़रिए मिली है और इन झड़पों की ख़बरों की सत्यता की स्वतंत्र जाँच नहीं की जा सकी है क्योंकि विदेशी मीडिया पर ईरान में प्रतिबंध है.

ये विपक्षी प्रदर्शन ऐसे समय में हुए हैं जब 1953 में छात्रों की मौत की वर्षगाँठ के लिए कुछ समारोह आयोजित किए जाने थे.

उस वर्ष अमरीका विरोधी छात्र प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों की मौत हुई थी उसकी याद में यह वार्षिक छात्र दिवस मनाया जाता है.

ईरानी सुरक्षा बलों ने चेतावनी जारी की थी कि अगर इन समारोहों के अवसर पर कोई विपक्षी प्रदर्शन किए गए तो उन्हें रोकने की हर संभव कोशिश की जाएगी. रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी ज़रूरत पड़ने पर अपनी भूमिका निभाने की बात की थी.

ईरान सरकार के विरोधियों ने हाल के समय में प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन किए हैं और अपना संदेश प्रसारित करने की कोशिश की है.

जून 2009 में हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों के बाद ईरान में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने ये प्रदर्शन शुरू किए थे जिन पर सुरक्षा बल सख़्ती बरतते रहे हैं.

सोमवार को भी तेहरान के वली अस्र चौक पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं. घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति का कहना था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आँसू गैस का भी इस्तेमाल किया.

प्रदर्शनकारी 'तानाशाही मुर्दाबाद' और 'डरो नहीं हम सब साथ हैं' के नारे लगा रहे थे.

न्यू मीडिया पर पाबंदी

विपक्षी नेताओं की एक वेबसाइट ने कहा है कि अधिकारियों ने केंद्रीय तेहरान में मोबाइल फ़ोन नेटवर्क पर भी रोक लगा थी ताकि विपक्षी प्रदर्शनकारी आपस में संपर्क ना साध सकें.

Image caption अहमदीनेजाद के पुनर्चुनाव के बाद प्रदर्शन बढ़े हैं

तेहरान के कुछ निवासियों का कहना है कि इस रैली से कुछ दिन पहले से ही ईमेल के इस्तेमाल पर कुछ पाबंदियाँ लगा दी गई थीं और विपक्षी वेबसाइटों पर सख़्तियाँ बढ़ा दी गई थीं.

बीबीसी के तेहरान संवाददाता जॉन लाइन ने इस्तांबूल से ख़बर दी है कि ये पाबंदियाँ और सख़्तियाँ बढ़ने की वजह से विपक्षी कार्यकर्ताओं ने न्यू मीडिया साधनों से हटकर परंपरागत साधनों - पर्चे, सीडी का सहारा लेना शुरू किया और एक दूसरे के ज़रिए भी संदेश फैलाने की कोशिश की. जॉन लाइन इस्तांबूल में कुछ विपक्षी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात कर रहे थे.

राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार मीर हुसैन मूसावी ने रविवार को चेतावनी दी थी अधिकारियों को सड़कों पर परछाइयों से लड़ते हुए देखा है और विपक्षी आंदोलन अब भी सक्रिय है.

एक वेबसाइट पर उन्होंने लिखा, "अगर आप विश्वविद्यालयों को ख़ामोश कर भी देंगे तो समाज में मौजूद स्थिति पर आप क्या करेंगे."

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