ईरान को और प्रतिबंधों की चेतावनी

ईरान का आणविक कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका और उसके सहयोगी देश ईरान के विरूद्ध नए आर्थिक प्रतिबंध पर विचार कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन के राजदूतों ने चेतावनी दी है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अमल करने के लिए आख़िरी मौक़ा दिया जा रहा है.

लेकिन रूस और चीन की ओर से इसका विरोध किया जा रहा है.

सुरक्षा परिषद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हुई चर्चा में यह मुद्दा उठा कि ईरान ने पिछले तीन महीनों में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों की अवहेलना की है.

लेकिन ईरान ने इस आरोप का खंडन किया है और कहा कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ़ परमाणु ऊर्जा के लिए है.

उल्लंघन

संयुक्तराष्ट्र में फ्रांस के राजदूत जेरार्ड अरौ ने कहा, "अगर ईरान विश्वास जगाने वाले सभी उपायों की अवहेलना करता रहेगा, वार्ता के प्रयास को ठुकराता रहेगा और पारदर्शिता नहीं दिखाएगा तो इसका मतलब यह निकाला जाएगा कि कि हमें उसके खिलाफ़ प्रतिबंध के लिए सुरक्षा परिषद् में नए प्रस्ताव लाने होंगे. फिर और इंतज़ार का कोई कारण नहीं बचेगा."

अरौ ने कहा "हम ईरान से आखिरी बार अपील करना चाहेंगे कि बातचीत के हमारे प्रस्ताव को माने. और अगर ईरान जल्द ही हमारी बात नहीं सुनता है तो उस पर प्रतिबंध के लिए फ्रांस नए प्रस्ताव लाएगा."

संयुक्त राष्ट्र के राजनयिकों का कहना है कि अमरीका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, रूस और चीन यह प्रयास करते रहे हैं कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन के कार्यक्रम को रद्द कर दे और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था के साथ सहयोग करे.

अमरीकी राजदूत सूज़न राईस ने सीरिया के लिए हथियार ले जा रहे एक ईरानी जहाज़ को पकड़े जाने का उदाहरण देते हुए सुरक्षा परिषद को बताया कि ईरान ने हाल के दिनों में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है.

ईरान पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के लिए सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव अगले महीने लाया जा सकता है.

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