ओबामा ने बैंकों को फटकार लगाई

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश के बड़े बैंकों को बिना लाग लपेट के चेतावनी दी है कि अमरीका को आर्थिक मंदी से उबारने का बोझ उन्हें उठाना पड़ेगा.

ओबामा ने गोल्डमैन सैक्स, बैंक ऑफ़ अमेरिका और जे पी मोर्गन जैसे अग्रणी बैंकों के प्रमुख अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद कहा कि बैंकों को संकट के वक़्त सरकार ने उनकी मदद की थी और बारी अब बैंकों की है.

ओबामा ने कहा कि अमरीका के कई योग्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की यह शिकायत है कि बैंक उन्हें ज़रूरी क़र्ज़ देने से मना कर रहे हैं.

साथ ही उन्होंने बैंकों के अधिकारियों को फटकार भी लगाई कि वह नए आर्थिक सुधार वाले बैंकिंग क़ानून के खिलाफ़ समर्थन जुटा रहे हैं.

ओबामा की नाराजगी का कारण अमरीकी जनता में फैला यह आक्रोश है कि आर्थिक मंदी के दिनों में जहाँ अमरीका में बेरोज़गारी बढ़ रही है, छोटे छोटे व्यापार बंद हो रहे हैं, और तंगी फैल रही है, लेकिन बड़े बड़े बैंक अपने ख़जाने भरने में जुटे हुए हैं.

ओबामा ने अमरीकी बैंकों को उनके नैतिक दायित्व की याद दिलाई. विश्लेषकों का मानना है कि बैंक देश के छोटे छोटे क़र्ज़ याचकों की मदद नहीं कर रहे हैं.

अभी पिछले हफ़्ते ही सिटी ग्रुप ने घोषणा की थी कि वह वक़्त से पहले ही सरकार का 20 अरब डॉलर का क़र्ज़ अदा कर रहा है.

इससे एक संदेश यह गया है कि बैंक अब आर्थिक तंगी से बाहर निकल रहे हैं. और दूसरा यह कि वह सरकार के आर्थिक चंगुल से भी बाहर निकलना चाह रहे हैं.

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