ओबामा ने जेल खरीदने का आदेश दिया

Image caption ग्वांतानामो जेल में इस समय खालिद शेख मोहम्मद जैसे चरमपंथी भी बंद हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी सरकार को इलिनॉय राज्य में एक जेल खरीदने का आदेश दिया है जहां ग्वांतानामो बे के कई क़ैदियों को रखा जा सकेगा.

राष्ट्रपति ओबामा ने चुनाव के दौरान क्यूबा स्थित ग्वांतानामो जेल बंद करने का वादा किया था और अमरीका में जेल खरीदने का एलान उसी का एक अहम हिस्सा है.

इलिनॉय के इस थॉमसन जेल में ग्वांतानामो के कितने क़ैदियों को भेजा जाएगा ये फ़िलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन अमरीकी मीडिया रिपोर्टों का कहना है कि उनकी तादाद 35 से 90 के बीच हो सकती है.

ओबामा प्रशासन का कहना है कि ग्वांतानामो जेल एक ऐसा प्रतीक बन गया है जिसे दिखाकर अल क़ायदा नए लोगों को अपनी ओर खींचता है और इसलिए इस जेल को बंद करना अहम है.

बराक ओबामा ने कहा था कि वो एक साल के अंदर ही इस जेल को बंद कर देंगे लेकिन वहां बंद 215 क़ैदियों के साथ क्या किया जाए ये एक पेचीदा सवाल बना हुआ है.

बराक ओबामा ने नवंबर में कहा कि अब 22 जनवरी तक ये लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा और 2010 के आख़िर तक ही जेल को बंद करना संभव हो सकेगा.

Image caption ओबामा प्रशासन का कहना है कि ग्वांतानामो की तस्वीरें अल क़ायदा जैसे संगठनों को मज़बूत करती हैं.

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि थॉमसन जेल की सुरक्षा व्यवस्था और मज़बूत की जाएगी और इसे देश का सबसे सुरक्षित जेल बनाया जाएगा.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता ऐडम ब्रूक्स का कहना है कि ग्वांतानामो जेल के क़ैदियों का नए जेल में तबादला कुछ हद तक तो समस्या का हल कर सकता है लेकिन इसे सुलझा नहीं सकता.

सवाल इस बात पर भी उठ रहे हैं कि इन क़ैदियों को अमरीकी ज़मीन पर लाना क़ानूनी रूप से कितना वैध है.

लेकिन अधिकारियों का कहना है कि क़ानून सुनवाई के मकसद से उन्हें लाने की इजाज़त देता है.

बहुत लोगों को डर इस बात का भी है कि कुछ क़ैदी इस जेल से भाग सकते हैं या फिर उन्हें अमरीकी ज़मीन पर रहने का अधिकार मिल जा सकता है.

लेकिन विदेश मंत्री हिलैरी क्लिंटन और रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि राष्ट्रपति ओबामा इनमें से किसी क़ैदी को अमरीकी ज़मीन पर रिहा करने का इरादा नहीं रखते.

ये जेल 2001 में बना था और इसमें 1600 क़ैदी रखे जा सकते हैं लेकिन बजट में कमी के कारण यहां केवल 200 क़ैदी रखे जाते हैं.

ग्वांतानामो जेल के कुछ क़ैदियों को तो यहां रखा जाएगा लेकिन कुछ को दूसरे देशों में भी भेजने की संभावना है.

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