प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले

प्रदर्शनकारियों को पीटती पुलिस
Image caption प्रदर्शनकारी सम्मेलन में किसी नए समझौते कि दिशा में कोई प्रगति न होने से नाराज़ थे.

कोपेनहेगन में चल रहे संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.

वहाँ मौज़ूद बीबीसी संवाददाता सारा मुखर्जी के मुताबिक़ जिस बेला सेंटर में यह सम्मेलन हो रहा था उसे कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया है.

प्रदर्शनकारी किसी नए पर्यावरण समझौते में प्रगति न होने और वार्ता स्थल तक पहुँचने पर लगी पाबंदी से नाराज़ थे. प्रदर्शनकारियों ने वहाँ लगे बैरिकेड्स को तोड़ दिया.

प्रदर्शनकारी हिरासत में

प्रदर्शनकारियों ने पूरे कोपेनहेगन में मार्च निकाला और कई जगह प्रदर्शन किया वहीं पुलिस का कहना है कि उसने क़रीब दो सौ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है.

प्रदर्शनकारी ग़रीब देशों के लिए और अधिक आर्थिक सहायता की माँग कर रहे थे.

इस घटना के समय बेला सेंटर के बाहर मौज़ूद बीबीसी के डेविड सुकमैन ने कहा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों काफ़ी तनातनी थी.

पर्यावरण मंत्रियों और उनके सहयोगियों ने जैसे ही वार्ता के लिए प्रवेश किया डेनमार्क के अधिकारियों ने उसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या घटाकर कम कर दी.

सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक हज़ारों लोग वहाँ लाइन लगाकर खड़े थे लेकिन उनमें से कुछ लोग ही अंदर जा पाए.

बुधवार को जो लोग सम्मेलन स्थल तक नहीं जा पाए उनमें फ्रे़ड्स ऑफ़ अर्थ के सदस्य भी शामिल हैं. इस संगठन ने कहा है कि बेला सेंटर तक पहुँचे सदस्यों का बिल्ला वैध नहीं था.

अभियान चलाने वाले कुछ लोगों ने कहा कि सम्मेलन स्थल तक मार्च करने के बाद वे अंदर घुसने का प्रयास करेंगे.

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