पाक से अमरीकियों को शिकायत

पाकिस्तान में अमरीका विरोधी रैली
Image caption हाल के एक सर्वे के अनुसार पाकिस्तान के अवाम अमरीका को अपना सबसे बड़ा दुशमन मानते हैं

अमरीकी राजनयिकों ने शिकायत की है कि पाकिस्तान की सरकार उनके एक सौ से अधिक अधिकारियों के वीज़ा की अवधि बढ़ाने में देरी कर रहा है.

हालाँकि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमरीकी अधिकारियों के वीज़ा की अवधि बढ़ाने में देरी की कोई ख़ास वजह नहीं है और इसका कारण केवल वीज़ा देने की प्रक्रिया हो सकती है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने बीबीसी को बताया, "देर करने की रणनीति का कोई सवाल नहीं है."

अमरीकी अधिकारियों में राजनयिक और सुरक्षा अधिकारियों के अलावा सहायता ऐजेंसी के लोग शामिल हैं और वीज़ा देने में हो रही देरी के कारण क्रिस्मस की छुट्टियाँ बीतने के बाद वो पाकिस्तान नहीं लौट सकेंगे.

ऐसी भी ख़बरें हैं कि अमरीकी राजनयिकों की गाड़ियाँ को पाकिस्तान में पुलिस चेक पोस्ट पर लगातार रोका जा रहा है और तलाशी भी ली जा रही है.

ग़ौरतलब है कि अमरीका ने ये शिकायत ऐसे समय की है जब अमरीकी प्रशासन 'आतंक के ख़िलाफ़ यु्द्ध' के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता का आह्लान कर रहा है.

सर्द होता रिश्ता

पर्वेक्षकों की राय में ताज़ा घटना अमरीका और पाकिस्तान के बीच सर्द पड़ते रिश्तों की एक झलका है.

पाकिस्तान में अमरीकी दूतावास के प्रमुख प्रवक्ता रिचार्ड नेलशायर ने बीबीसी को बताया, "कम से कम 135 वीज़ा को पाकिस्तानी अधिकारियों ने रोक रखा है."

उनका कहना है, "इन वीज़ों की अवधि बढ़ाने से इनकार नहीं किया गया, लेकिन उनमें देरी की जा रही है."

लेकिन पाकिस्तानी प्रवक्ता बासित का कहना है कि पाकिस्तान और अमरीका के बीच अच्छे रिश्ते हैं और ऐसे में जानबूझकर देरी करने का कोई कारण नहीं है.

उनका कहना है, "देरी प्रक्रियात्मक बाधाओं के कारण हो सकती है."

बासित कहते हैं, "ऐसी घटनाएं दूसरे देशों में भी होती हैं, कई पाकिस्तानियों को वीज़ा मिलने में देरी होती है और कई बार तो उन्हें वीज़ा देने से मना किया जाता है."

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने बिना नाम लिए एक अमरीकी राजनयिक के हवाले से कहा है कि वीज़ा देने में देरी करना और उनकी गाड़ियों की तलाशी लेना पाकिस्तान में बड़े पैमाने में अमरीका विरोधी भावना की प्रतिक्रिया है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि वीज़ा देने में देरी से सहायता एजेंसी में काम करने वाले अनेक कार्यकर्ताओं का पाकिस्तान आना प्रभावित हो सकता है.

ग़ौरतब है कि अमरीकी प्रशासन ने पिछले दिनों पाकिस्तान के लिए साढ़े सात अरब डॉलर सहायता राशि मंज़ूर की थी जिसके तहत पाकिस्तान में बड़ी संख्या में अमरीकी कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाना है जो सहायता के कामों की देखभाल करेंगे.

ख़बरों के अनुसार लगभग पाँच से आठ सौ अमरीकी पाकिस्तान में तैनात होंगे.

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