'पिटाई से प्रदर्शनकारियों की मौत'

ईरानी प्रदर्शनकारी
Image caption राष्ट्रपति चुनाव के बाद काफ़ी विरोध प्रदर्शन हुए थे

ईरान में अधिकारियों ने पहली बार ये स्वीकार किया है कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद जेल में बंद किए तीन विपक्षी प्रदर्शनकारियों की मौत पिटाई से हुई है.

ईरान की न्यायपालिका की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि शवों की मेडिकल जाँच से यह पता चला है कि उनकी मौत की वजह पिटाई थी.

पहले ये दावा किया गया था कि मेनिन्जाइटिस के कारण इन तीन विपक्षी प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी.

बयान में यह भी बताया गया है कि इस मामले में 12 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ हैं. इनमें से तीन के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हुआ है.

आरोप

सरकार ने पहले विपक्ष के इन आरोपों को ग़लत बताया था कि कहरीज़क जेल में बंद किए गए 200 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों में से कई लोगों को प्रताड़ित किया गया और उनके साथ बलात्कार भी हुआ.

इस साल जुलाई में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़ामनेई ने इस जेल को बंद करने का आदेश दिया था.

इस साल जून में महमूद अहमदीनेजाद के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था.

ईरान की सरकार का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान संघर्ष में कम से कम 30 प्रदर्शनकारी मारे गए.

अब भी 200 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी जेल में बंद हैं और अधिकारियों के मुताबिक़ इनमें से पाँच को मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है.

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