मुंतज़री की मौत पर शोक की लहर

ईरान में विपक्ष ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे देश के सबसे प्रतिष्ठित असंतुष्ट नेताओं में से एक आयतुल्ला हुसैन अली मुंतज़री के जनाज़े में बड़ी संख्या में शामिल हों.

मुंतज़री ने इस साल ईरान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में महमूद अहमदीनेजाद की जीत को धांधली बताया था.

उन्होंने चेतावनी दी थी कि ईरान धीरे-धीरे तानशाही बनने की दिशा में जा रहा है.

मुंतज़री की मौत की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में विपक्षी समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं. मुंतज़री के शहर क़ोम में उनके समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं.

बयान

मुंतज़री की मौत के कुछ घंटों के बाद व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करके कहा है कि वे सबके अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए अपनी प्रतिबद्धता के कारण उनका सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर था.

बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि मुंतज़री की मौत की घोषणा से ईरान में नया तनाव पैदा हो गया है.

मुंतज़री 87 वर्ष के थे और उनके बेटे के मुताबिक़ उनकी मौत प्राकृतिक थी. ईरानी नेतृत्व की खुली आलोचना के कारण चर्चित मुंतज़री ने अहमदीनेजाद के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर भी सवाल उठाया था.

उन्होंने देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़ामनेई की वैधता पर भी सवाल उठा दिए थे.

मुंतज़री के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की संभावना है. इसे देखते हुए मीडिया पर अतिरिक्त पाबंदियाँ लगाई गई हैं और सरकारी सेना को अलर्ट रहने को कहा गया है.

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