मारे गए नागरिक 'सीआईए एजेंट' थे

अफ़ग़ानिस्तान
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों पर लगातार हमले हुए हैं

काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक आत्मघाती हमले में मारे गए आठों अमरीकी नागरिक ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के लिए काम करते थे.

दूसरी ओर तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. तालेबान के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि आत्मघाती हमलावर अफ़ग़ान सेना में भर्ती हुआ था.

प्रवक्ता ने बताया है कि हमलावर बुधवार शाम को ख़ोस्त प्रांत के एक अमरीकी सैनिक ठिकाने में घुस गया. उसने विस्फोटकों वाली बेल्ट बाँध रखी थी.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ एक अमरीकी अधिकारी का ये बयान लगभग पुष्ट हो चुका है कि मारे गए सभी लोग या तो सीआईए के एजेंट थे या कॉन्ट्रेक्टर.

एक अन्य घटना में कंधार में हुए बम धमाके में कनाडा के चार सैनिक मारे गए हैं. सड़क किनारे रखे बम में हुए धमाके में एक महिला पत्रकार भी मारी गई.

टोरंटो से बीबीसी संवाददाता ली कार्टर का कहना है कि ये घटना कनाडा के लोगों के लिए चिंता का विषय है ख़ासकर इसलिए क्योंकि इस धमाके में एक आम नागरिक की भी मौत हो गई है.

मारी गई पत्रकार का नाम मिशेल लांग था. 34 वर्शीय मिशेल पहली बार अफ़ग़ानिस्तान आई थी.

सूचना

अमरीकी नागरिकों पर हुए आत्मघाती हमले में कितने लोग घायल हुए हैं- इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता इयन केली ने कहा, "हम इस हमले में मारे गए लोगों के लिए शोक प्रकट करते हैं. हम इस बारे में और जानकारी फ़िलहाल रोक रहे हैं, क्योंकि पहले मारे गए लोगों के परिजनों को इस बारे में सूचित किया जाएगा."

अफ़ग़ानिस्तान का ख़ोस्त प्रांत तालेबान का गढ़ माना जाता है और यहाँ चरमपंथी हमले होते रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता रिचर्ड लिस्टर का कहना है कि एक आत्मघाती हमलावर के अमरीकी सैनिक ठिकाने में घुसने पर चल रही अटलबाज़ी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे.

अफ़ग़ानिस्तान में विकास और सहायता कार्य बढ़ रहे हैं और इस कारण वहाँ विदेशी नागरिकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है.

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