'यमन आतंकवाद की शरणस्थली बन गया है'

यमन में चरमपंथी

आरोप है कि अमरीकी विमान मामले में पकड़े गए नाइजीरियाई युवक को यमन में प्रशिक्षण मिला था

सोमालिया के एक कट्टरपंथी इस्लामी गुट की यमन के इस्लामी विद्रोहियों को समर्थन देने की घोषणा के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने बयान दिया है कि 'आतंकवाद' की शरणस्थली बनने के कारण यमन और दुनिया और क्षेत्र के लिए ख़तरा है.

ब्रिटेन ने 28 जनरवरी को यमन में इस्लामी चरमपंथ का सामना करने के मुद्दे पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया है.

ब्रिटन की ओर से ये बयान तब आया है जब नाइजीरिया के एक युवक उमर फ़ारुक़ अब्दुल मुत्तलिब पर अमरीका के एक विमान में क्रिसमस के दिन विस्फोट करने के आरोप लगे हैं. उन पर आरोप है कि उन्हें यमन में अल क़ायदा की ओर से प्रशिक्षण दिया गया था.

इसके बाद ब्रिटेन में हवाई अड्डों की सुरक्षा पर पुनर्विचार के आदेश दिए गए हैं.

अल शाबाब लड़ाके भेजेगा

उधर सोमालिया के कट्टरपंथी इस्लामी गुट अल शाबाब ने घोषणा की है कि वो यमन में इस्लामी विद्रोहियों की लड़ाई के समर्थन में अपने लड़ाके भेजेगा.

यमन एक विफल देश बनने के क़रीब है और इसीलिए अन्य यूरोपीय सरकारों को तत्काल इस दिशा में बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. उन्हें यमन में सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक कुशलता को बढ़ाने की ब्रिटेन की प्रतिबद्धता का समर्थन करना चाहिए

यमन पर ब्रितानी संसदीय गुट के मार्क प्रेट्चर्ड

अल-शाबाब ने अल क़ायदा के प्रति अपनी वफ़ादारी ज़ाहिर की है और ये गुट सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र के समर्थनवाली कमज़ोर सरकार को हटाने की लड़ाई लड़ रहा है.

दूसरी ओर यमन पहले से ही संकट से जूझ रहा है. यमन की सरकार अल क़ायदा के संदिग्ध ठिकानों पर हमले कर रहे हैं और अमरीका ने यमन की सरकार के समर्थन के लिए सैन्य समर्थन बढ़ा दिया है.

उधर यमन के विदेश मंत्री अबू बक्र अल-किरबी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि ब्रिटेन में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से यमन की अर्थव्यवस्था का विकास होगा ताकि चरमपंथ का आकर्षण घटे.

'यमन विफल देश बनने के क़रीब'

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा, "मैंने पहले भी कहा है कि यमन आतंकवाद की परवरिश करने की जगह और आतंकवादियों की शरणस्थली के रूप में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम ख़तरा बन गया है."

उन्होंने कहा कि यमन सरकार को चरमपंथियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बंद नहीं होना चाहिए.

मैंने पहले भी कहा है कि यमन आतंकवाद की परवरिश करने की जगह और भविष्य में आतंकवादियों की शरणस्थली के रूप में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम ख़तरा बन गया है

ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन

ब्रिटेन से यमन को 10 करोड़ डॉलर की सहायता मिल ही रही है, साथ ही ब्रिटेन ख़ुफ़िया सूचनाओं और आतंकवादरोधी प्रशिक्षण के रूप में भी यमन को मदद दे रहा है.

ग़ौरतलब है यमन पर ब्रितानी संसदीय ग्रुप के उप चेयरमैन मार्क प्रिट्चर्ड ने कहा है, "यमन एक विफल देश बनने के क़रीब है और इसीलिए अन्य यूरोपीय सरकारों को तत्काल इस दिशा में बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. उन्हें यमन में सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक कुशलता को बढ़ाने की ब्रिटेन की प्रतिबद्धता का समर्थन करना चाहिए."

उनका कहना था, "यदि यमन विफल देश बन जाता है तो वह आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन जाएगा. ये प्रमुख समुद्री रास्तों के क़रीब है और तेल उत्पादन करने वाले सऊदी अरब के भी नज़दीक है. इसलिए पूरे क्षेत्र और पश्चिमी देशों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है."

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