'यमन में अस्थिरता से ख़तरा'

हिलेरी क्लिंटन
Image caption हिलेरी क्लिंटन ने यमन की सरकार को आगाह किया है

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि यमन में राजनीतिक अस्थिरता और अल क़ायदा की बढ़ती पैठ से अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर ख़तरा पैदा हो गया है.

उन्होंने कहा कि यमन की सरकार को देश में स्थिरता बहाल करने के लिए क़दम उठाने चाहिए अन्यथा उसे पश्चिमी देशों का समर्थन खोना पड़ेगा.

अल क़ायदा से ख़तरे को देखते हुए अमरीका और ब्रिटेन के बाद फ़्रांस, जर्मनी और जापान ने भी यमन स्थित अपने दूतावास को बंद कर दिया है.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यमन से यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि उन्हें यमन से उम्मीद भी है और अगर उसे समर्थन चाहिए तो उनकी शर्तें भी हैं. ताकि यमन क़दम उठाए जिससे यमन और उस इलाक़े में रहने वाले लोगों को शांति और स्थिरता का बेहतर मौक़ा मिल सके."

असर

उन्होंने कहा कि यमन में चल रहे युद्ध का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर पड़ रहा है.

पिछले दिनों क्रिसमस के मौक़े पर अमरीकी विमान को उड़ाने की कथित कोशिश हुई थी. जिसमें नाइजीरिया का एक युवक संदिग्ध है.

आरोप है कि नाइजीरिया के इस संदिग्ध युवक ने यमन में प्रशिक्षण हासिल किया था. अमरीका में इस घटना के बाद कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.

यमन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यमन सरकार देश में क़बायली विद्रोह और अलगाववादी आंदोलन झेल रही है, इसलिए वो अल क़ायदा को प्राथमिकता नहीं देती.

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