अंतिम प्रत्यक्षदर्शी की मौत

सुतोमु यामागुची
Image caption सुतोमु यामागुची हिरोशिमा मे घायल होने के बाद नागासाकी चले गए जहाँ दूसरा बम फटा

जापान में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान नागासाकी और हिरोशिमा परमाणु हमलों में आधिकारिक रूप से जीवित बचने वाले एकमात्र व्यक्ति की मृत्यु हो गई है.

सुतोमू यामागुची 93 वर्ष के थे और उन्हें पेट का कैंसर था.

छह अगस्त 1945 को वे काम के सिलसिले में हिरोशिमा गए थे जब वहाँ परमाणु बम गिरा था.

हिरोशिमा पर हुए परमाणु बम हमले में एक लाख 40 हज़ार लोग मारे गए थे.

इस धमाके में यामागुची बुरी तरह जल गए और एक रात वहाँ बिताने के बाद वे अपने घर नागासाकी चले गए जहाँ नौ अगस्त को दूसरा परमाणु बम गिराया गया.

नागासाकी हमले में 70 हज़ार लोग मारे गए थे.

एकमात्र बचा व्यक्ति

वैसे तो हिरोशिमा और नागासाकी में हुए परमाणु बम हमलों में कई लोग जीवित बच पाए थे लेकिन सुतोमू यामागुची ऐसे एकमात्र व्यक्ति हैं जिनका नाम जापानी सरकार ने दोनों ही परमाणु बम धमाकों से बच पानेवाले व्यक्ति के रूप में दर्ज किया है.

दस्तावेज़ों में पहले सुतोमू यामागुची का नाम केवल नागासाकी परमाणु बम धमाके से बचे जीवित व्यक्ति के तौर पर दर्ज किया गया था.

लेकिन पिछले वर्ष मार्च में आधिकारिक दस्तावेज़ों में दर्ज किया गया कि वे हिरोशिमा में बम धमाके के समय भी मौजूद थे.

यामागुची ने पिछले वर्ष इस बारे में कहा था,"मेरा दोनों परमाणु बम धमाकों से बचनेवाला एकमात्र जीवित व्यक्ति होना अब एक सरकारी रिकॉर्ड है. इससे आनेवाली पीढ़ियाँ मेरी मृत्यु के बाद भी परमाणु बम हमलों का रोंगटे खड़े कर देनेवाला इतिहास जानती रहेंगी".

अपने अंतिम वर्षों में यामागुची ने अपने अनुभव के बारे में काफ़ी सभाओं में वक्तव्य दिए और उम्मीद जताई कि एक दिन परमाणु हथियारों का नाश हो सकेगा.

हिबाकुशा

Image caption हिरोशिमा में हुए परमाणु बम हमले में एक लाख 40 हज़ार लोग मारे गए थे

जापान में दोनों परमाणु बम हमलों से बचे हुए व्यक्ति को हिबाकुशा कहा जाता है और ऐसे लोगों को सरकार की तरफ़ से मुआवज़ा दिया जाता है.

इसके अलावा उन्हें चिकित्सा के लिए भत्ते दिए जाते हैं और उनकी अंत्येष्टि का भी ख़र्च सरकार वहन करती है.

परमाणु बम हमलों से बचे हुए अधिकतर लोग विकिरण से होनेवाली बीमारियों से ग्रस्त रहे जिनमें कैंसर जैसे रोग शामिल हैं.

जापान के एक अख़बार ने ख़बर दी है कि पिछले महीने टाइटैनिक और अवतार जैसी फ़िल्मों के प्रख्यात निर्देशक जेम्स कैमरोन ने एक अस्पताल में सुतोमू यामागुची से मुलाक़ात की थी.

समझा जाता है कि कैमरोन परमाणु बम हमलों के बारे में कोई फ़िल्म बनाना चाहते हैं.

सुतोमू यामागाची की मृत्यु पर नागासाकी के मेयर ने अपने संवेदना संदेश में कहा है – एक अमूल्य कहानी कहनेवाला दुनिया से चला गया.

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