'बेहतर सुरक्षा विकास पर निर्भर'

Image caption हिलेरी क्लिंटन पहले भी कह चुकी हैं कि विकस अमरीकी कूटनीति का एक अहम हिस्सा रहेगा.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमरीका की बेहतर सुरक्षा और दूसरे देशों को दी जानेवाली अंतरराष्ट्रीय सहायता के बीच सीधा संबंध है.

क्लिंटन ने कहा है कि चरमपंथ की सोच को तबतक हराया नहीं जा सकता जबतक लाखों युवक बेरोज़गार हों और उनके सामने भविष्य की कोई उम्मीद नहीं हो.

वाशिंगटन में एक भाषण में उन्होंने कहा कि विकास अब अमरीकी विदेश नीति का एक अहम स्तंभ होगा.

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यमन जैसे देशों में कामयाबी हासिल करना मुश्किल होगा लेकिन कुछ नहीं करने का खामियाज़ा और बड़ा होगा.

हिलेरी क्लिंटन अपने कार्यकाल की शुरूआत से ही अपनी विदेश नीति को तीन धुरियों—विकास, कूटनीति और प्रतिरक्षा— के इर्द गिर्द चलाने की कोशिश करती रही हैं.

कूटनीतिक मामलों की वो प्रमुख हैं, रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स से उनका समन्वय अच्छा है लेकिन जहां विकास की बात आती है तो मामला खासा उलझ जाता है.

अंतरराष्ट्रीय विकस से जुड़ी अमरीकी एजेंसी, यूएसएड, को एक निदेशक नियुक्त करने में एक साल का वक्त लगा है.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़रूरत से ज़्यादा बड़ी नौकरशाही, मंहगे ठेकेदार, अलग अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी इन सबने अंतरराष्ट्रीय विकास के मुद्दे को पीछे धकेल रखा है.

हिलेरी क्लिंटन की कोशिश है अंतरराष्ट्रीय विकास को एक नए तरीके से कार्यान्वित करने की जिसमें तकनीक और समन्वय का मिश्रण हो.

उनका कहना था, ``विकास के लिए मदद अब तक केवल चैरिटी संस्थाओं की ज़िम्मेदारी समझी जाती थी या फिर सरकारें उन देशों को मदद देती थीं जो उनके सहयोगी हों. लेकिन आज दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में और अमरीकी हितों की रक्षा में विकास की अहम भूमिका है.’’

लेकिन इस लक्ष्य के रास्ते में बाधाएं कई हैं ख़ासकर जब बात नौकरशाही की हो, धनराशि की हो या फिर सालों से चली आ रही कार्यप्रणाली की हो.

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