'हमले रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया क़दम उठाए'

Image caption भारतीय समुदाय के लोग आरोप लगाते रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया में उन पर नस्ली हमले हो रहे हैं

ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय युवक को जलाने की कोशिश की घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया से इस संवेदनशील मसले पर रिपोर्टिंग में संयम बरतने की अपील की है.

आप्रवासी मामलों के मंत्री वी. रवि ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार को ऐसे हमले रोकने के लिए क़दम उठाने होंगे.

दिल्ली में हुए आप्रवासी भारतीय सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हम भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और ऑस्ट्रेलिया पर कूटनीतिक दवाब डाल रहे हैं कि वो दोषियों को पकड़ सकें."

वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि अगर मीडिया ने संयम नहीं बरता तो इससे ऑस्ट्रेलिया के साथ रिश्तों पर असर पड़ सकता है.

बयान में कहा गया है, “हमें बताया गया है कि मेलबर्न में स्थानीय समयानुसार सुबह दो बजे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है. अब तक की जानकारी के मुताबिक 29 साल के जसप्रीत सिंह कथित हमले में जल गए हैं. उस व्यक्ति या घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है. पीड़ित की हालत गंभीर नहीं है, उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और इलाज चल रहा है.”

विदेश मंत्रालय के अनुसार केनबरा में भारतीय उच्चायुक्त और मेलबर्न में कॉनसल जनरल ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ इस मसले को लेकर संपर्क में है.

इस बीच ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे भारतीय युवक नितिन गर्ग का शव पहुँच गया है. उनकी चाकू मार कर हत्या कर दी गई थी.

हमलों का सिलसिला

ताज़ा घटना मेलबर्न शहर में हुई है, जहाँ एक भारतीय युवक पर कुछ लोगों ने हमला किया और आग लगाकर जलाने की कोशिश की.

सिडनी से बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट ने जानकारी दी है कि ये घटना उस समय हुई जब ये भारतीय युवक एक डिनर पार्टी के बाद अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहा था.

रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर हमला किया, जिन्होंने इस भारतीय युवक पर कोई तरल पदार्थ डाला और फिर आग लगा दी.

इस भारतीय युवक को मेलबर्न के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि पीड़ित 15 फ़ीसदी जल चुका है और मामले की जाँच चल रही है.

पुलिस का कहना है कि वो पीड़ित व्यक्ति के कपड़े तलाश कर रही है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ताज़ा घटना से भारत में ग़ुस्सा बढ़ सकता है. पहले ही ऑस्ट्रेलिया में हुई घटनाओं की भारत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है और सरकार ने भी अपनी आपत्ति जताई है.

ये घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिनों पहले एक भारतीय छात्र नितिन गर्ग की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी.

इस घटना के बाद भारत सरकार ने वहाँ रह रहे भारतीयों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे. पिछले साल से ही भारतीय छात्रों के ख़िलाफ़ हमले हो रहे हैं.

बीच में इस तरह की हिंसा थमी थी लेकिन पिछले महीने से फिर ये हमले बढ़े हैं. इन घटनाओं के मद्देनज़र ऑस्ट्रेलिया जाकर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में कमी आई है.

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय छात्रों का दावा है कि मेलबर्न में नस्लवादी हमले हो रहे हैं.

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