चीन का मिसाइल भेदी परीक्षण

चीन ने क्रांति की 60वीं वर्षगांठ पर मिसाइल प्रणालि का व्यापक प्रदर्शन किया था

चीन ने घोषणा की है कि उसने ऐसी सैन्य तकनीक का सफल परीक्षण किया है जिससे हवा में मिसाइल को ‘इंटरसेप्ट’ यानी रास्ते में ही रोक कर, नष्ट किया जा सकता है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने एक संक्षिप्त रिपोर्ट में कहा है कि ये परीक्षण रक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए किया गया है और ये किसी विशेष देश को निशाना बनाकर नहीं किया गया.

ग़ौरतलब है कि इस परीक्षण की सूचना उस समय आई है जब अमरीका ने चीन की बार-बार शिकायत के बावजूद ताईवान को हवाई प्रतिरक्षा मिसाइलें बेचने को अनुमति दे दी है.

चीन ताईवान को अपनी भूमि का हिस्सा मानता है और अमरीका को चेतावनी दे चुका है कि यदि इन मिसाइलों की बिक्री होती है तो चीन-अमरीका रिश्तों में रुकावट आ सकती है.

चीन की सरकार समाचार सेवा शिन्हुआ ने तीन पंक्तियों का बयान जारी किया है कि केवल चीन ने मिसाइल इंटरसेप्शन तकनीक यानी मिसाइल रोधक तकनीक का परीक्षण किया है जिसने अपना मक़सद पूरा किया है.

पिछले साल उपग्रह नष्ट किया

चीन ने पिछले कुछ सालों में अपनी सेना को आधुनिक बनाने के लिए अपने रक्षा ख़र्चे में ख़ासी वृद्धि की है और वह ताईवान पर दोबारा नियंत्रण करने की चेतावनी भी दे चुका है.

महत्वपूर्ण है कि चीन पिछले साल एक बैलिस्टिक मिसाइल के ज़रिए हवा में उपग्रह को नष्ट करने का परीक्षण कर चुका है.

ये पिछले बीस साल में मिसाइल से उपग्रह नष्ट करने का पहला परीक्षण था.

हालाँकि यह तकनीक नई नहीं थी लेकिन इस परीक्षण के बाद चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को निशाना बनाते हुए एशिया-प्रशांत क्षेत्र समेत दुनिया के कई देशों ने व्यापक आलोचना की थी.

संबंधित समाचार