ईरान का आरोप, अमरीका का इनकार

Image caption तेहरान में हुए विस्फोट में परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मदी की मौत हो गई

अमरीका ने इस बात से इनकार किया है कि उसका ईरान के वैज्ञानिक की मौत में कोई हाथ है.

ईरान ने आरोप लगाया था कि मंगलवार की सुबह राजधानी तेहरान में हुए विस्फोट के पीछे अमरीकी और इसराइली एजेंटों का हाथ है.

इस विस्फोट में तेहरान के एक परमाणु वैज्ञानिक मसूद अली मोहम्मदी की मौत हो गई थी जिन्हें इस्लामी क्रांति का प्रबल समर्थक माना जाता है.

हालांकि यह दावा भी किया गया था कि मसूद को विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी का समर्थन हासिल था.

ईरान में सरकारी मीडिया का कहना है कि मसूद अली मोहम्मदी तेहरान के उत्तरी इलाक़े में स्थित अपने घर से जब बाहर निकल रहे थे उसी समय विस्फोट हुआ और उनकी मौत हो गई.

कहा जा रहा है कि हमलावरों ने मसूद के घर के समीप एक मोटरसाइकिल में बम रखा था और रिमोट कंट्रोल के जरिए उसमें विस्फोट कर दिया.

ईरान का आरोप

ईरान में मीडिया का कहना है कि अधिकारियों ने उनकी मौत की रिपोर्ट को टेलीविज़न में प्रसारित करने में असामान्य रूप से काफ़ी शीघ्रता दिखाई और इसके लिए क्रांति विरोधियों और पश्चिम में ईरान के दुश्मनों को ज़िम्मेदार ठहराया.

मीडिया के अनुसार इस घटना से साफ़ हो जाता है कि ऐसा ईरान के परमाणु कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए किया गया है.

तेहरान विश्वविद्यालय के कुछ शोध छात्रों का कहना था कि मोहम्मदी एक बेहद लोकप्रिय शिक्षक थे.

वहीं एक अन्य विद्यार्थी रूज़बेहानी का कहना था,''हाल ही में हुए चुनाव के बाद दोनों ही तरफ के लोग एक दूसरे को कोस रहे हैं. इस घटना से साफ़ है कि कोई समूह इस विवाद को हवा देने की कोशिश कर रहा है. इस हमले के पीछे अमरीकी अथवा ब्रिटिश एजेंटों का हाथ हो सकता है.''

ईरान में विपक्षी पार्टी ने दावा किया है कि मोहम्मदी ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उनके एक प्रत्याशी का समर्थन किया था.

उधर ब्रिटेन और अमरीका के वैज्ञानिकों का कहना है कि मोहम्मदी की प्रकाशित रिपोर्टों से लगता है कि वे भौतिक विज्ञान की किसी अन्य शाखा के विशेषज्ञ थे और उनके शोध कार्यों को देखते हुए लगता नहीं है कि वे परमाणु कार्यक्रम में शामिल हो सकते थे.

बहरहाल मसूद अली मोहम्मदी को किसने मारा और क्यों मारा इस रहस्य पर अब भी परदा पड़ा है.

संबंधित समाचार