ज़मीन घोटाले पर सेना प्रमुख का वादा

जनरल दीपक कपूर
Image caption भारतीय सेना के प्रमुख ने सुकना ज़मीन घोटाले में कार्रवाई का आश्वासन दिया.

भारतीय सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने सुकना ज़मीन घोटाले में कथित तौर पर शामिल अधिकारियों के ख़िलाफ़ सेना क़ानून के तहत कार्रवाई करने का यक़ीन दिलाया है.

सेना दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में सेनाध्यक्ष ने कहा, “मीडिया के दबाव या व्यक्तिगत पूर्वाग्रह से प्रभावित होकर सेना कोई क़दम नहीं उठाएगी.”

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें जांच रिपोर्ट, पूर्वी कमांडर की सिफ़ारिश और सेना मुख्यालय से क़ानूनी सलाह मिल चुकी है और मामले की पूरी जांच पड़ताल के बाद कई दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.

जनरल दीपक कपूर ने कहा कि क्योंकि इस समय आनुशासनिक कार्रवाई चल रही है इसलिए उनके लिए कुछ अधिक कहना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सेना ने ही जांच की शुरूआत की थी, किसी और बाहरी संस्था ने नहीं.

सेना की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा, “सेना उन संस्थाओं में से एक है जो किसी भी अनियमितता की ख़बर मिलने पर फ़ौरन कार्रवाई करती है.”

सुकना ज़मीन घोटाला

ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनो से प्रसार माध्यमों में ऐसी ख़बरें आईं थीं कि पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के पास सुकना मिलिटरी स्टेशन के पास एक निजी संस्था को लगभग 70 एकड़ ज़मीन दी गई थी जिसमें कथित तौर पर अनियमितता बरती गई थी.

किसी भी सेना के कैम्प के पास ज़मीन ख़रीदने के लिए सुरक्षा कारणों से सेना से ‘नो ऑब्जेक्शन’ सर्टिफ़िकेट लेना पड़ता है और इसी मामले में सेना के कुछ बड़े अधिकारियों ने कथित तौर पर गड़बड़ी की थी.

इसमें सेना प्रमुख के सैन्य सचिव लेफ़्टिनेन्ट जनरल अवधेश प्रकाश समेत चार अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं.

इन अधिकारियों के नाम आने के बाद प्रतिरक्षा मंत्री ए के एंटनी ने जांच के आदेश दिए थे और यक़ीन दिलाया था कि गड़बड़ी पाए जाने पर बड़े से बड़े अधिकारी को भी नहीं बख़्शा जाएगा. लेकिन ऐसी ख़बरें भी लगातार आती रहीं हैं कि सेना प्रमुख अपने सैन्य सचिव को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

जनरल दीपक कपूर ने मीडिया से अनुरोध किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करते हुए पत्रकारों को सावधानी बरतनी चाहिए.

भारत चीन सीमा विवाद के बारे में उन्होंने कहा, “चीन ने भारत के किसी भी हिस्से पर कोई क़ब्ज़ा नहीं किया है.”

उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रतिरक्षा मंत्री ने भी बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्थिति स्पष्ट कर दी थी.

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले लद्दाख़ में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लेह के ज़िलाध्यक्ष ने कथित तौर पर कहा था कि पिछले दो दशकों में धीरे धीरे चीन ने लद्दाख से सटे भारत चीन सीमा के एक बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

उसके बाद पूरे भारतीय मीडिया में ये ख़बर ज़ोर शोर से उठने लगी थी.

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