भारत हेती को 50 लाख डॉलर की सहायता देगा

हेती
Image caption रेड क्रॉस का कहना है कि भूकंप से कम से कम 50 हज़ार लोगों की मौत हुई है

भूकंप प्रभावित कैरिबियाई देश हेती में राहत कार्यों के लिए भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 50 लाख अमरीकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि ज़रूरत की इस घड़ी में भारत हेती की सरकार और वहाँ की जनता के साथ है.

भारत के प्रधानमंत्री की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि हेती के लोगों के प्रति एकजुटता के रूप में भारत 50 लाख अमरीकी डॉलर की तत्काल सहायता देने की घोषणा करता है.

हेती के प्रधानमंत्री ज्यां मैक्स बेलिरिवे को लिखे एक पत्र में मनमोहन सिंह ने इस त्रासदी में मृत और घायल लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

भारत के प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि हेती के लोग इस प्राकृतिक आपदा से उबर जाएँगे.

अमरीकी सैनिक

इधर अमरीका के रक्षा अधिकारियों ने घोषणा की है कि सहायता कार्यों में मदद के लिए सोमवार तक हेती में 10 हज़ार अमरीकी सैनिक पहुँच जाएंगे.

राष्ट्रपति ओबामा ने कह चुके हैं कि अमरीकी हेती में इतिहास का सबसे बड़ा राहत और बचाव अभियान चलाएगा.

उन्होंने कहा है कि हज़ारों सैनिक वहाँ भेजे जा चुके हैं और अमरीका की ओर से दस करोड़ डॉलर की राहत राशि भी दे रहा है.

संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना है कि सहायता वितरित करना कठिन काम साबित हो रहा है.

हेती में मंगलवार को आए इस भूकंप में 45 से 50 हज़ार लोगों की मौत हो गई थी.

इससे पहले हेती के प्रधानमंत्री ज्याँ मैक्स बेलेरिवे ने कहा था कि भूकंप में मरने वालों की संख्या एक लाख से अधिक हो सकती है.

राहत कार्य

हेती में भूकंप पीड़ितों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से राहत और बचाव कार्य धीरे-धीरे तेज़ हो रहा है.

Image caption हेती में राहत और बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है

वहाँ मलबे में दबे लोगों को निकालने की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव है और जो लोग निकाले जा चुके हैं वो चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं.

इस बीच विकसित देशों के बीच इस बात पर सहमति बन रही है कि हेती के पुनर्निर्माण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दानदाता सम्मेलन बुलाया जाए.

विश्व बैंक ने घोषणा की है कि वह हेती के पुनर्निर्माण के लिए 10 करोड़ डॉलर की सहायता देगा.

कई देशों ने राहत और बचाव दल, डॉक्टर और दवाइयाँ भेजी हैं. आपात स्थिति के लिए खाद्य सामग्री भी पहुँची हैं.

पोर्ट-ओ-प्रिंस के अंतरराष्ट्रीय विमान तल पर अलग-अलग देशों से राहत सामग्री लेकर विमानों के आने का सिलसिला जारी है.

लेकिन अब अधिकारियों ने अनुरोध किया है कि और विमान न भेजें जाएँ क्योंकि अब विमानतल पर और विमानों के लिए जगह ही नहीं है.

व्यापक तबाही

मंगलवार को आए भूकंप ने हेती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस को तहस नहस कर दिया है. वहाँ संसद भवन से लेकर स्कूल और अस्पताल तक बहुत कुछ ध्वस्त हो गया है.

Image caption इस भूकंप से संसद भवन, स्कूल और अस्पताल कुछ नहीं बचा

सैकड़ों लोगों के अभी भी मलबों में फंसे होने की आशंका है. सड़कों के किनारे अभी भी शवों के ढेर लगे हुए हैं.

कई देशों से पहुँचने वाली राहत सामग्री विमानतल तक तो पहुँच गई है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस राहत के विमानतल से बाहर निकलकर शहरों में आम नागरिकों तक पहुँचने के संकेत अब भी कम मिल रहे हैं.

उनका कहना है कि चिकित्सा सुविधाएँ इतनी कम हैं कि वो लोग भी मौत के मुँह में समा रहे हैं जिनका इलाज किया जा सकता था.

ऐसी आपदाओं में सहायता पहुंचाने वाली सबसे बड़ी एजेंसी संयुक्त राष्ट्र ख़ुद मुसीबत में है.

हेती में शांति मिशन का मुख्यालय ध्वस्त हो चुका है. संयुक्त राष्ट्र ने अब तक अपने 36 कर्मचारियों की मौत की पुष्टि की है. उसका कहना है कि अब भी 188 लोग लापता हैं.

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