मुंबई हमलों में अब राना का भी नाम

अदालत में डेविड हेडली (जैसा चित्रकार ने देखा)
Image caption डेविड हेडली के बारे में जानकारियाँ हैं कि उसने भारत की कई यात्राएँ की हैं

अमरीका में शिकागो की एक अदालत में डेविड कोलमैन हेडली के बाद तहव्वुर राना के ख़िलाफ़ भी मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया है.

इन दोनों लोगों के ख़िलाफ़ डेनमार्क के एक अख़बार पर हमले के षडयंत्र का भी आरोप पहले से ही लगा हुआ है.

इन दोनों के अलावा जिनको मुंबई हमलों के लिए आरोप लगाए गए हैं उनमें पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के इलियास कश्मीरी और पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड मेजर अब्दुर रहमान हाशिम सईद का नाम भी है.

राना, इलियास और अब्दुर रहमान पर मुंबई हमलों के षडयंत्र का आरोप पहली बार लगाया गया है.

26 नवंबर 2008 को दस चरमपंथियों ने मुंबई में विभिन्न स्थानों पर हमले किए थे. इस चरमपंथी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और बहुत से लोग घायल हुए थे.

12 आरोप

Image caption मुंबई के हमलों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था क्योंकि ऐसा चरमपंथी हमला इससे पहले किसी और जगह नहीं हुआ था

अदालत ने डेविड कोलमैन हेडली और व्यावसायी तहव्वुर हुसैन राना पर कुल 12 आरोप तय किए हैं.

इन दोनों को ही अमरीका में जाँच एजेंसियों ने पिछले साल अक्तूबर से गिरफ़्तार कर रखा है.

49 वर्षीय हेडली अमरीकी नागरिक हैं जबकि 49 वर्षीय राना कनाडा के नागरिक हैं.

गत दिसंबर में केंद्रीय जाँच एजेंसी (एफ़बीआई) ने अदालत से कहा था कि वह मामले की जाँच कर रही है. इस जाँच के बाद नए आरोप लगाए गए हैं.

तहव्वुर राना पर आरोप लगाए गए हैं कि वे मुंबई आए दस चरमपंथियों की टीम के लिए हमलों की योजना बनाने में शामिल थे.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पाकिस्तानी सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी अब्दुर रहमान और लश्करे तैबा के इलियास कश्मीरी पर आरोप हैं कि ये दोनों भी हमलों की योजना में शामिल थे और ये दोनों अल-क़ायदा के तीसरे नंबर के नेता शेख़ मुस्तफ़ा अबु अल-याज़िद से लगातार संपर्क में थे.

इलियास कश्मीरी का नाम पहली बार तब आया था, जब गत अक्तूबर में हेडली और राना को गिरफ़्तार किया गया था, लेकिन उनके ख़िलाफ़ मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप पहली बार लगाए गए हैं.

इलियास कश्मीरी वही हैं जिनके बारे में गत वर्ष अमरीकी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया था कि पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े में किए गए एक ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई है.

लेकिन अब एफ़बीआई ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित दस्तावेज़ में कहा है कि अब्दुर रहमान ने डेविड हेडली को सूचित किया था कि इलियास कश्मीरी की मौत नहीं हुई थी.

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि गुप्त रुप से रिकॉर्ड की गई बातचीत से पता चला है कि डेविड हेडली और तहव्वुर राना ने सितंबर, 2009 में डेनमार्क में हमलों के अलावा मुंबई, सोमनाथ के मंदिर और शिवसेना पर हमलों के बारे में चर्चा की थी.

अख़बार पर हमला

Image caption तहाव्वुर राणा पर पहले सिर्फ़ डेनमार्क के अख़बार पर हमले का आरोप था

तहव्वुर राना और अब्दुर रहमान पर डेनमार्क के अख़बार 'जाइलैंड्स पोस्टेन' पर वर्ष 2005 में हुए हमले में शामिल होने का आरोप पहले से ही था.

इसी अख़बार ने वर्ष 2005 में वो 12 कार्टून प्रकाशित किए थे जिसमें हज़रत पैगंबर का ज़िक्र था. इन कार्टूनों को लेकर दुनिया भर में मुस्लिम समाज में बहुत नाराज़गी थी और जगह-जगह प्रदर्शन हुए थे.

अधिकारियों का कहना है कि ये सभी लोग चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा से ताल्लुक रखते हैं.

पाकिस्तान का यह संगठन कश्मीर के मसले को लेकर भारत पर हमले करता रहा है.

भारत सरकार का आरोप है कि मुंबई हमलों में भी इसी संगठन का हाथ था.

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