गूगल मुद्दे पर अमरीका विरोध जताएगा

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Image caption गूगल और चीन के बीच ताज़ा विवाद ईमेल हैकिंग को लेकर है

अमरीका ने कहा है कि इंटरनेट सर्च इंजन गूगल के साथ विवाद पर वो चीन से औपचारिक विरोध दर्ज़ कराएगा.

अमरीकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में अमरीका इस मामले पर चीन से जवाब मांगेगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका का ये रुख़ अप्रत्याशित है.

गूगल ने इस हफ़्ते की शुरुआत में चीन से कामकाज समेटने की धमकी दी थी. गूगल ने कहा था कि वो चीन में अपना कामकाज समेट सकती है क्योंकि चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ईमेल कथित तौर पर हैक किए जा रहे हैं.

हैकिंग वो प्रक्रिया है जिससे तकनीकी तौर पर कुशल व्यक्ति बिना इजाज़त वेबसाइटों पर शरारत कर सकता है, आपत्तिजनक सामग्री लगा सकता है या फिर किसी अन्य व्यक्ति के ईमेल एकाउंट को बिना इजाज़त खोलकर गोपनीय ईमेल संदेशों को पढ़ सकता है.

हालाँकि चीन सरकार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अगर विदेशी इंटरनेट कंपनियाँ 'क़ानून के दायरे' में रहकर काम करती हैं तो चीन में उनका स्वागत है.

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जियांग यू ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि चीन में इन्टरनेट 'स्वतंत्र' है.

उन्होंने कहा, "चीन में इंटरनेट 'स्वतंत्र' है और चीन की सरकार इंटरनेट की प्रगति को बढ़ावा देती है. चीन की सरकार भी दूसरे देशों की तरह ही इंटरनेट का कानून के अनुसार ही संचालन करती है."

इस बीच, अमरीका से मिल रही ताज़ा ख़बरों के अनुसार एक और इंटरनेट सर्च कंपनी याहू भी चीन में हैकर्स के निशाने पर है.

हैकिंग

गूगल ने पिछले दिनों कहा था कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के इमेल एकाउंट चीन में हैक किए जा रहे हैं.

गूगल कंपनी ने चीन की सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाए थे लेकिन कहा था कि अब वह सरकार के अनुसार सर्च इंजन पर उपलब्ध सामग्री सेंसर करने को तैयार नहीं है.

गूगल और चीन के बीच चल रहे इस विवाद के बीच अमरीकी वाणिज्य मंत्री गैरी लॉक ने कहा था कि चीन को गूगल समेत कई और कंपनियों के लिए एक 'सुरक्षित' कामकाज का वातावरण सुनिश्चित करना होगा.

लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय ने जारी किये गए बयान में साफ़ किया है कि चीन का क़ानून किसी भी तरह की हैकिंग गतिविधियों को प्रोत्साहन नहीं देता है.

जब गूगल ने 2006 में चीन में अपना सर्च इंजन लॉंच किया था तब उसने चीन की सरकार के कुछ दिशानिर्देशों का पालन करने की हामी भरी थी. इनमें 1989 के तियानानमन चौराहे पर हुए विरोध प्रदर्शनों और तिब्बत की स्वाधीनता जैसे विषय में संयम बरतना शामिल थे.

चीन के इंटरनेट सर्च बाज़ार में फ़िलहाल गूगल के सर्च इंजन का एक तिहाई हिस्सा है जो कि चीन की सबसे बड़ी इंटरनेट सर्च कंपनी बायडू से बहुत कम है.

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