हेती की मदद के लिए अमरीकी अभियान शुरू

Image caption राष्ट्रपति ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति बुश और क्लिंटन के नेतृत्व में हेती कोष का गठन किया है.

हेती में आए भूकंप का जायज़ा लेने के लिए अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन वहां पहुंच गई हैं.

उन्होंने लोगों से कहा है कि अमरीका “आज, कल और आनेवाले दिनों में उनके साथ रहेगा.”

हेती पहुंचे बीबीसी संवाददाता इस भूकंप को “प्रलयंकारी” बता रहे हैं.

अबतक का अंदाज़ा है कि पचास हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और जो बचे हैं वो मदद के लिए अधीर हो रहे हैं.

लूटपाट की भी ख़बरें आ रही हैं.

हेती में संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख भी मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उनके मुख्यालय के मलबे के नीचे दबा हुआ उनका शव मिला है.

हिलेरी क्लिंटन अमरीकी सहायता एजेंसी यूएसएड के प्रमुख राजीव शाह के साथ सहायता सामग्री लेकर वहां पहुंची हैं.

हेती के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमरीकी हेती के लिए एक दोस्त और एक साझेदार बनकर आया है.

Image caption हेती पहुंचे बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्थिति "प्रलयंकारी" है.

कई जगहों पर इस बात की आलोचना हो रही है कि जो मदद है वो ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुंच रही है लेकिन हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि चौदह सहायता केंद्र बनाए गए हैं जो बीस लाख ऐसे लोगों को मदद कर रहे हैं जिन्हें भोजन और पानी की तुरंत ज़रूरत है.

वहीं राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन की मदद मांगी है और उनके नेतृत्व में हेती के लिए पैसा जुटाने के लिए हेती कोष का गठन किया है.

ओबामा का कहना था, ``अमरीका इतिहास के सबसे बड़े राहत अभियानों में से एक की अगवाई कर रहा है.’’

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