मदद पहुंची लेकिन और की ज़रूरत

Image caption कुछ इलाक़ों में पांच दिनों बाद राहत सामग्री पहुंची है.

हेती की राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस में आए भूकंप से हुई तबाही के लगभग हफ़्ते भर बाद कुछ हिस्सों में आपात राहत पहुँची है लेकिन ज़रूरत उससे कहीं ज़्यादा की है.

राहतकर्मी और अमरीकी सेना के जवान प्रभावित इलाक़ों में पानी और खाने के सामान बाँट रहे हैं.

लेकिन बेघर हुए हज़ारों लोग अभी भी राहत का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि आपूर्ति माँग के हिसाब से बेहद कम है.

बीबीसी संवाददाता का कहना अगर आप सड़कों से गुजरेंगे तो मदद के लिए गुहार लगाते लोखों की आवाजें आपकी कानों को सुनाई देंगी.

पोर्ट ओ प्रिंस पहुंचे संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है संयुक्त राष्ट्र, अमरीका और दूसरी एजेंसियों के बीच ऐसे तालमेल की ज़रूरत है जिससे राहत सामग्री भंडारों में ही नहीं पड़ी रह जाए.

साथ ही उन्होंने हेती के लोगों से अपील की है कि वो धैर्य बनाए रखें.

बान की मून संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर भी गए जो भूकंप में बर्बाद हो चुका है.

इस कार्यालय के मलबे से एक कर्मचारी को जीवित निकाला गया है.

इस बीच कुछ हैतीवासियों ने आपस में मिल कर पीड़ितों की मदद के लिए दुकानें खोलने का फ़ैसला किया है.

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी सोमवार को हेती पहुंच रहे हैं.

प्रलयंकारी

Image caption राहत सामग्री लूटने की कोशिश हो रही है.

रविवार को अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भी वहां पहुंची.

उन्होंने लोगों से कहा है कि अमरीका “आज, कल और आनेवाले दिनों में उनके साथ रहेगा.”

हेती पहुंचे बीबीसी संवाददाता इस भूकंप को “प्रलयंकारी” बता रहे हैं.

अबतक का अंदाज़ा है कि पचास हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और जो बचे हैं वो मदद के लिए अधीर हो रहे हैं.

लूटपाट की भी ख़बरें आ रही हैं.

हेती में संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख भी मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उनके मुख्यालय के मलबे के नीचे दबा हुआ उनका शव मिला है.

हिलेरी क्लिंटन अमरीकी सहायता एजेंसी यूएसएड के प्रमुख राजीव शाह के साथ सहायता सामग्री लेकर वहां पहुंची हैं.

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