हेती: अमरीकी सुरक्षा, राहत अभियान तेज़

हेती
Image caption संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 3500 और शांतिरक्षक हेती भेजने का फ़ैसला किया है

अमरीकी सेना हेती में अपना राहत और सुरक्षा अभियान तेज़ कर रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाई जाए और वहाँ आए भूकंप के बाद जीवित बचे लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा सके.

उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से फ़ैसला किया है कि भूकंप के बाद राहत कार्यों में मदद के लिए 3500 और शांतिरक्षकों को वहाँ भेजा जाएगा.

इनमें से 1500 पुलिस अधिकारी होंगे और अन्य सैन्य अधिकारी होंगे. पहले ही वहाँ संयुक्त राष्ट्र के 9000 सुरक्षा कर्मचारी हैं.

एक हफ़्ते पहले आए भूकंप में 47 संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है जबकि 500 से अधिक अभी भी लापता हैं.

व्यापक तैयारियाँ

वहाँ मारे गए लोगों की संख्या का सही अनुमान अभी तक नहीं लग पाया है जबकि अब तक आई रिपोर्टों में कहा गया है कि दसियों हज़ार लोग मारे गए हैं और लाखों बेघर हो गए हैं. वहाँ 70 हज़ार शवों को दफ़न किया गया है.

अमरीकी सेना के 20 हेलिकॉप्टरों के ज़रिए राष्ट्रपति के पैलेस में राहत सामग्री उतारी है.

अमरीकी सेना का कहना है कि राजधानी पोर्ट ऑ प्रिंस के हवाई अड्डा पर एक दिन में 180 उड़ाने आ और जा रही हैं. पहले ये संख्या 30 थी.

अमरीकी सैन्य मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि वह दो और हवाई अड्डे तैयार कर रहा है ताकि राहत अभियान सुचारू ढंग से चलाया जा सके.

Image caption हेती में लोगों के लूटे जाने और पीड़ितों तक पर्याप्त सामग्री न पहुँचने की ख़बरें मिली थीं

राजधानी के बाहर 2000 अमरीकी मरीन सैनिकों ने बंदरगाह बनाई है और आपात राहत का कामकाज देख रहे हैं.

बुरे हालात में इलाज

बीबीसी संवाददाता निक डेविस के अनुसार उन्हें पोर्ट ऑ प्रिंस में कुछ डोमिनिकन डॉक्टरों के अस्थायी तंबू नज़र आए और कुछ अस्थायी राहत शिविरों में चादरें और तरपाल इत्यादी दिखाई दिए.

उन्होंने कई दिन में पानी का केवल एक ट्रक देखा और 20-30 लोग किसी भी तरह पानी भरने में जुटे हुए थे.

बीबीसी संवाददाता मार्क डॉयल के अनुसार डॉक्टर खुले में सर्जरी करने पर मजबूर हैं. ऐसी ही स्थिति में मेडिसिन साँ फ़्रांटियर्स के सर्जनों ने सैकड़ों मरीज़ों का इलाज किया है.

पोर्ट ऑ प्रिंस में उनके अस्पताल के नष्ट हो जाने के बाद उन्होंने लकड़ियों और पर्दों का इस्तेमाल करते हुए खुले में ऑपरेसन थियटर बनाए हैं.

मार्क डॉयल के अनुसार एक अमरीकी डॉक्टर जिओर्डाई कॉक्स ने कहा कि हालात ख़राब है लेकिन वे कई लोगों की जान बचाने में सफल हुए हैं.

उनके अनुसार अधिकतर मरीज़ों की हड्डियाँ टूटी हुई हैं लेकिन इस आपदा के बीच एक छोटी सी अच्छी बात यह है कि वहाँ बारिश नहीं हो रही क्योंकि चिकित्सकों के पास पानी से बचाव के लिए वॉटरप्रूफ़ ऑपरेशन थियटर नहीं हैं.

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