'नवंबर में रिहा हो सकती हैं' सू ची

Image caption सू ची की रिहाई के लिए दुनिया भर में प्रदर्शन होते रहे हैं.

बर्मा से मिल रही ख़बरों के अनुसार वहां की सरकार लोकतंत्रवादी नेता आंग सान सू ची को इस साल के अंत तक रिहा करने की योजना बना रही है.

सूत्रों का कहना है कि बर्मा के गृह मंत्री ने कुछ स्थानीय नेताओं को बताया है कि सू ची को नवंबर तक आज़ाद किया जा सकता है.

नवंबर में ही उनकी नज़रबंदी की अवधि खत्म हो रही है.

पिछले अगस्त में उनकी नज़रबंदी 18 महीने के लिए बढ़ा दी गई थी जब एक अमरीकी व्यक्ति झील के किनारे बने हुए उनके घर तक तैर कर पहुंच गया था.

पिछले दिनों में बर्मा के अधिकारी कई बार सू ची को रिहा करने का संकेत दे चुके हैं लेकिन ये पहली बार है जब एक तारीख़ या महीने की बात हुई है.

सूचना पर लगाम

माना जा रहा है कि ये बयान एक वरिष्ठ मंत्री ने चार दिन पहले एक छोटे शहर में अधिकारियों के साथ हो रही बातचीत में दिया है.

बीबीसी संवाददाता रैचेल हार्वे का कहना है कि बर्मा में सूचना पर किस तरह का नियंत्रण है उसका अंदाज़ा इसीसे लगाया जा सकता है कि इस ख़बर को निकलने में इतना वक्त लगा.

सू ची के वकील ने भी बीबीसी को बताया कि उन्होंने केवल अफ़वाहें सुनी हैं, इस ख़बर की पुष्टि नहीं कर सकते.

यदि सचमुच उन्हें नवंबर में रिहा किया जाता है तब भी उनकी आज़ादी से जुड़े कई प्रश्न उठेंगे.

क्या उनकी आज़ादी शर्तों के साथ होगी? क्या उनकी गतिविधियों पर रोक लगेगी? और सबसे अहम कि उन्हें चुनाव के पहले रिहा किया जाएगा या बाद में?

उनकी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहले ही सुनवाई हो चुकी है और उसका फ़ैसला एक दो हफ़्तों में आना है.

लेकिन यदि फ़ौजी सरकार कहती है कि उन्हें कम से कम नवंबर तक नज़रबंद रखा जाएगा तो इसका मतलब होगा कोर्ट की कुछ हद तक अवमानना.

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