'केमिकल अली' को फाँसी

हसन अल माज़िद उर्फ़ केमिकल अली
Image caption केमिकल अली कौ चौथी बार मौत की सज़ा सुनाई गई

इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के सहयोगी रहे हसन अली माजिद उर्फ़ केमिकल अली को सोमवार को फाँसी दे दी गई है.

केमिकल अली को चार बार मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी थी. सद्दाम हुसैन को पहले ही फाँसी दी जा चुकी है.

पिछले दिनों ही उन्हें इराक़ की एक अदालत ने कुर्दों के ख़िलाफ़ रसायनिक गैस हमले का आदेश देने का दोषी ठहराते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी.

वर्ष 2003 में सद्दाम हुसैन के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद यह उन्हें चौथी बार मौत की सज़ा का फ़ैसला था.

केमिकल अली को वर्ष 1991 और 1999 में शिया मुसलमानों की हत्या और 1980 के दशक में कुर्दों के ख़िलाफ़ नरसंहार के अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए भी मौत की सज़ा दी गई थी.

उन्हें इन मामलों में वर्ष 2007, 2008 और 2009 में अलग-अलग मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

केमिकल अली सद्दाम हुसैन के चचेरे भाई भी थे और वह सद्दाम हुसैन के शासन के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे.

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