ईरान में दो को फाँसी दी गई

विपक्षी प्रदर्शनकारी
Image caption हज़ारों विपक्षी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया था

ईरान में उन दो लोगों को फाँसी दे दी गई है जिन्हें पिछले साल जून में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के दौरान फैले उपद्रव के दौरान गिरफ़्तार किया गया था.

हालांकि अभी ये साफ़ नही है कि इन दोनों को चुनाव से पहले या बाद में गिरफ़्तार किया गया था.

अमरीका ने दो राजनीतिक कार्यकर्ताओं को फांसी दिये जाने की कड़ी निंदा की है.

व्हाइट हाउस के प्रवत्ता ने कहा है कि इस फांसी से ईरान की सरकार विश्व समुदाए में और अलग थलग पड़ जाएगी.

आरोप

ईरानी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक़ इन दोनों पर ईशनिंदा, हथियारबंद गुटों का सदस्य होने के अलावा इस्लामिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने के आरोप लगाए गए थे.

सरकारी मीडिया का कहना है कि अभियुक्त मोहम्मद रज़ा अली ज़मानी और अर्श रहमानी पर यह भी आरोप था कि 2008 में शिराज़ शहर की मस्जिद पर हुई बमबारी की घटना में उनकी भूमिका थी. इसमें 13 लोग मारे गये थे.

अर्श रहमानी के वकील का कहना था कि परिवार वालों को मिल रही धमकियों की वजह से उनके मुवक्किल ने गुनाह कबूल किया.

ईरान में 12 को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के परिणाम आए थे जिसमें वर्तमान राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को भारी मतों से विजयी घोषित किया गया था.

इसके विरोध में दूसरे उम्मीदवार मीर हुसैन मुसावी के समर्थक सड़कों पर उतर आए थे. चुनावों के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में 30 लोग मारे गये थे.

लेकिन विपक्ष का कहना है कि मरने वालों की तादाद 70 से ज्या़दा थी.

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