गूगल ने एक्सप्लोरर 6 से नाता तोड़ा

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Image caption गूगल इंटरनेट कंपनी

गूगल ने ‘इंटरनेट एक्सप्लोरर आईई 6’ को कमज़ोर कड़ी बताते हुए अपने उपभोक्ताओं और कंपनियों से कहा है कि वे जल्द से जल्द अपने ‘सिस्टम अपग्रेड’ करवा लें.

गूगल का कहना है कि पहली मार्च से उसकी ‘गूगल डॉक्स’ और ‘गूगल साइट्स’ जैसी कुछ सेवाएं आईई 6 ब्राउज़र के साथ काम नहीं करेंगी.

‘गूगल डॉक्स’ ‘माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस’ के लिए उपयोगी सेवा है, जबकि ‘गूगल साइट्स’ वैब पेज बनाने के लिए ज़रूरी है.

उल्लेखनीय है कि माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर आईई 6 ब्राउज़र की कुछ ख़ामियों का फ़ायदा उठा कर ‘हैकर्स’ ने चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ‘जीमेल’ में सेंध लगाई थी.

इसी महीने गूगल ने आरोप लगाया था कि हैकरों ने उसके सॉफ़्टवेयर कोड और चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ता के ई-मेल अकाउंट में सेंध लगाने की कोशिश की थी.

गूगल का आरोप था कि ये साइबर हमले चीन से हुए थे.

गूगल की इस घोषणा के बाद फ्रांस और जर्मनी ने भी अपने नागरिकों को कोई और ब्राउज़र इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

माइक्रोसॉफ्ट ने इस ख़बर के बाद तुरंत बाद अपने ब्राउज़र को ‘अपडेट’ भी किया, लेकिन गूगल का कहना था कि वो अब वो ‘इंटरनेट ब्राउज़र आईई 6’ का साथ नहीं देगा.

गूगल के एक अधिकारी राजन सेठ ने एक ‘ब्लॉग पोस्ट’ में लिखा है, “पिछले 10 वर्षों में वेब पेज सामान्य से विशेषतर होते चले गए, वीडियो और वॉइस वीडियो जैसी कई ‘इंटरएक्टिव एप्लिकेशन्स’ सामने आईं, लेकिन दुर्भाग्य से बहुत पुराने ब्राउज़र कई नई ‘एप्लिकेशन्स’ को उतने असरदार ढंग से नहीं चला पाते.”

हालांकि अब भी 20 फीसदी वेब उपभोक्ता नौ साल पुराने इसी ब्राउज़र का इस्तामाल कर रहे हैं, लेकिन कई इंटरनेट कंपनियां इस ब्राउज़र से जल्द छुटकारा पाना चाहती हैं.

माइक्रोसॉफ्ट का ये कहना है कि वे इस ब्राउज़र को 2014 तक नहीं हटाएगा.

माइक्रोसॉफ्ट ने ‘आईई 6’ की समस्या के हल के लिए इसका नवीनतम संस्करण भी निकाल दिया है और उपभोक्ताओं से कहा है कि वे जल्द से जल्द इसे अपने कंप्यूटर में डाल लें यानि अपग्रेड करवा लें, जिससे उनके ‘इंटरनेट एकाउंट्स’ को बेहतर सुरक्षा मिल सके.

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